जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्त्वावधान में सतर्कता जागरुकता अभियान के अन्तर्गत महाविद्यालय परिसर में एक भव्य चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता और सामान्य ज्ञान को बढ़ावा देना था। यह प्रतियोगिता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार के कुशल संरक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की प्रायोजक प्रिया आहूजा (प्रबन्धक, सैन्ट्रल बैङ्क ऑफ इण्डिया) रहीं तथा कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. शिवदेव आर्य द्वारा किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अत्यन्त उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में लगभग शताधिक छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के उपरान्त निर्णायक मण्डल द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन कर परिणामों की घोषणा की गई। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान समीर भट्ट (शास्त्री प्रथम वर्ष), द्वितीय स्थान ध्रुव त्रिपाठी (प्राक्शास्त्री प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान अभय शर्मा (प्राक्शास्त्री प्रथम वर्ष) ने प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता में प्रथम स्थान – राम शर्मा (आचार्य प्रथम वर्ष), द्वितीय स्थान – श्रवण शर्मा (शास्त्री द्वितीय वर्ष) तथा तृतीय स्थान ध्रुव त्रिपाठी (प्राक्शास्त्री प्रथम वर्ष) ने प्राप्त किया।
परिणामों की घोषणा के साथ ही एक विशेष पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार ने विजयी प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि “पाठ्येतर गतिविधियाँ छात्रों के सर्वाङ्गीण विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का संचार करती हैं। संस्कृत साहित्य और कला का संबंध सनातन काल से रहा है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजते हैं, बल्कि युवाओं में छिपी मौलिक प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम भी बनते हैं। बैंक और शिक्षण संस्थानों का यह साझा प्रयास विद्यार्थियों के उज्ज्वल और स्वावलंबी भविष्य की दिशा में एक सराहनीय कदम है।”
बैंक की शाखाप्रबन्धक प्रिया आहूजा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वित्तीय प्रबंधन का पहला नियम अनुशासन और सही जानकारी है। वर्तमान डिजिटल युग में बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाते समय सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। उपभोक्ता कभी भी अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी जैसे – OTP, पासवर्ड या PIN किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल लेन-देन करते समय अधिकृत ऐप्स का ही प्रयोग करें और किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें। सुरक्षित बैंकिंग ही सुदृढ़ वित्तीय भविष्य की नींव है।
सह शाखा प्रबन्धक प्रियंका ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन से ही सही वित्तीय प्रबंधन और बचत की आदत डालना भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जेब खर्च (पॉकेट मनी) और आवश्यक व्यय के बीच संतुलन बनाना सीखना चाहिए। किसी भी प्रलोभन या रातों-रात धन दोगुना करने वाले भ्रामक विज्ञापनों व फ्रॉड स्कीमों से सावधान रहना आवश्यक है। किसी भी असुरक्षित लिंक को बिना विचारे नहीं खोलना चाहिये। सही उम्र में बचत की शुरुआत और सुरक्षित साधनों में निवेश ही आपको भविष्य में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाता है। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. शिवदेव आर्य ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की टीम, महाविद्यालय परिवार और सभी प्रतिभागी छात्रों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

