जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। बिजनौर से आकर हरिद्वार में बसे बाप—बेटों ने ठगी कर कईयों को शिकार बना डाला है। इन्होंने राजा गार्डन में दुकान की रसीद दे—देकर कई व्यापारियों के साथ आमजन के साथ धोखाधड़ी कर डाली। अब ठगी का भंडाफोड़ होने लगा है तो ये दुकान को बेचकर भागने की फिराक में है। लेकिन रसीद पक्का सबूत होता है, ऐसे में खरीददारों को सलाह है कि इनके झांसे में न आए।

ये इन इन ठगों की राजागार्डन में दुकान

हरिद्वार में महाठगों बाप—बेटों ने कईयों की खून पसीने की कमाई लालच दिखाकर हड़प ली। ये बिजनौर से आए थे और पहले खन्नानगर में आकर बसें, फिर ये बाप बेटा जगजीतपुर में फुटबाल ग्राउंड के पास राजविहार कालोनी में बस गए हैं, हालांकि इनकी माता एवं अन्य परिवार अभी भी खन्नानगर में निवास करता है। पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से फरियाद लगाई है। जिसकी जांच जारी है।

बेटा हर्ष अरोड़ा और दिनेश चौहान

उज्जवल चौहान पुत्र प्रदीप चौहान निवासी ग्राम कटारपुर अलीपुर तहसील व जिला हरिद्वार, हाल में कनखल कोतवाली क्षेत्र के जगजीतपुर स्थित राजागार्डन में श्री राधे मार्ट ग्रोसरी स्टोर चलाता है। पुलिस अधिकारियों को दी गई शिकायत के अनुसार उज्जवल के पास स्टोर पर सामान खरीदने के लिए हर्ष चौहान और उसका पिता दिनेश चौहान निवासी खन्नानगर, हाल निवासी राज विहार फेस-3, नियर फुटबॉल ग्राउंड जगजीतपुर आने लगे। इन्होंने राजा गार्डन में गंगा विहार कालोनी में टाटा चाय पत्ती की खरीद बिक्री करने के दौरान उज्जवल चौहान के साथ घुल मिल गए। दोनों बाप बेटों ने निवेश कराने के नाम पर करीब 20 लाख रूपये ले लिए। लेकिन जब उज्जवल को इनके कारनामों का पता लगने लगा तो उसने रूपये वापस मांगने शुरू किए तो फिर इन्होंने संपर्क बंद कर दिया। उज्जवल चौहान कनखल पुलिस के चक्कर काटने शुरू कर किए। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में बाप—बेटों ने रुपये स्वीकार करते हुए 30 अगस्त तक का वादा किया था। लेकिन बाप—बेटों की सेटिंग इतनी जबरदस्त है कि दोनों को पुलिस पकड़ नहीं सकी।

राजागार्डन में हनुमान मंदिर चौक से आगे है यहां पर ठगों की दुकान

बाप—बेटों ने इन्हें भी ठगा
जमालपुर कलां के कृष्णा, सचिन शर्मा, नवीन, ललित, अभिषेक, शुभम आकाश और कईयों के साथ ठगी कर चुका है। इसने सबसे बड़ी ठगी तो अमूल्य एजेंसी संचालक तनेजा के साथ की थी। ठगी होने पर कईयों ने संबंधित थाने—कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन सेटिंगबाजी कर बच निकलने में माहिर है। एक क्षेत्र में ठगी कर फिर दूसरे क्षेत्र में कारोबार करते हुए ​वहां के व्यापारियों के बीच घुल—मिलकर ठगी करने लगता है।

ठगी करने वाला दिनेश चौहान
ठगी करने वाला हर्ष चौहान

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