ब्यूरो रिपोर्ट
अपने ही विभाग में 30 से 35 साल सेवा देने वाले कर्मचारी को भी सेवारत कर्मचारी बख्श नहीं रहे हैं तो आमजन के काम कैसे होंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटीकरप्शन यूनिट ने शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के लेखाकार को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कचहरी गेट से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी को पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए सिविल लाइन थाने ले जाया गया।
एंटीकरप्शन यूनिट को मवाना निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महिपाल ने शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि पेंशन संबंधी फाइल का निस्तारण करने के एवज में लेखाकार राजीव सिंघल 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटीकरप्शन टीम ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता महिपाल शुक्रवार को रिश्वत की रकम लेकर डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। वहां से महिपाल को कचहरी के डाकघर बुलाया। उसके बाद कचहरी के गेट पर बुलाया, जैसे ही उन्होंने लेखाकार राजीव सिंघल को 25 हजार रुपये दिए, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद एंटीकरप्शन टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे सिविल लाइन थाने लाकर पूछताछ शुरू की गई। एंटीकरप्शन यूनिट आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

