जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। भेल हरिद्वार में एटक यूनियन द्वारा सीएफएफपी गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए जेसीएम की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग उठाई। इसके उपरांत निदेशक मानव संसाधन को एक ज्ञापन प्रेषित कर 12 सूत्री मांगे उठाई। मांगों में पीपी भुगतान, इंसेंटिव स्कीम, पदोन्नति, ओवरटाइम का भुगतान पूर्व की भांति, लेपटॉप की प्रतिपूर्ति दोबारा से शुरू की जाए, संविदा कर्मियों के वेतन में वृद्धि किए जाने की उठाई। महामंत्री संदीप चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस दौरान एटक के प्रदेश अध्यक्ष एमएस त्यागी, केंद्रीय नेता एके दास, अध्यक्ष नईम खान, महामंत्री संदीप चौधरी, वरिष्ठ नेता संतोष तिवारी, परमाल सिंह, मनमोहन कुमार, अजित सिंह, अमृत रंजन, रविकान्त त्यागी, अशोक शर्मा , सुभाष त्यागी, रवि राय, देवी प्रसाद कानूनगो, तरुण डुडेजा, विनित चौधरी, अनुराग सेमवाल, धीरज बालियान, योगेश कुमार, शेखर कुमार, दीपक कुमार, देवाशीष जोशी, अतुल सोनार, जितेन्द्र चहल, मांगेराम यादव, सतीश चौधरी, राकेश रोशन, परमजीत सिंह, गजेन्द्र कुमार, सचिन शर्मा, घनश्याम यादव, छतर सिंह, विकास चौधरी, पवन कुमार, भूपेन्द्र कुमार ,संकल्प त्यागी, रोहित सिंह, जितेन्द्र पटेल, प्रवीण कुमार, राजीव शर्मा, सतेन्द्र कटारिया, विक्रान्त त्यागी, चिरंजीवी कुमार, गोपाल शर्मा, जितेन्द्र प्रसाद, राजकुमार, दीपक गुप्ता, ओमप्रकाश सारण, चंद्रमोहन सिंह, भुवन भट्ट, तनुज उनियाल, कमलेश गुप्ता, सुभाष कुशवाहा, सतनाम सिंह, दिलीप साहू, अरविंद सैनी, निशांत प्रताप सिंह आदि शामिल हुए।


ये उठाई प्रमुख मांगे:————
1.) पीपी भुगतान तथा अन्य ज्वलंत मांगों के समाधान हेतु जेसीएम की बैठक शीघ्र बुलाई जाए।
2.) इंसेंटिव स्कीम को शीघ्र रिवाइज किया जाए।
3.) अन्य यूनिटों की भांति हरिद्वार में भी आर्टीजन से पर्यवेक्षक वर्ग में पदोन्नति जीरो ईयर में प्रदान की जाए।
4.) ओवरटाइम का भुगतान पूर्व की भांति शुरु किया जाए।
5.) लेपटॉप की प्रतिपूर्ति पुनः शुरु की जाए एवं सभी वर्गों को एक समान राशि प्रदान की जाए।
6.) अन्य पीएसयू की भांति मृतक आश्रितों के लिये अनिवार्य अनुकंपा नियुक्ति आरम्भ की जाए।
7.) नयी भर्ती में ज्वाइन करने वाले आर्टिजनो को न्यूनतम वेतन के बजाये ₹29500 के वेतनमान का भुगतान किया जाए।
8.) मुख्य चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की स्थाई भर्ती की जाये एवं HMIS सिस्टम में आ रही खामियों में सुधार किया जाए।
9.) उपनगरी में सिविल मैन्टिनेंस व इलैक्ट्रिकल मैन्टिनेंस कार्यो के लिये आवंटित बजट को बढ़ाया जाये एवं एडिशनल क्वार्टर का भी मैन्टिनेंस किया जाए।
10.) पूर्व की भांति भेल की खाली पड़ी जमीनों पर प्लॉटिंग करके कर्मचारियों को प्लॉट आवंटित किये जाए।
11.) अन्य पीएसयू की भांति बीएचईएल में भी इंडियन कॉफी हाउस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की कैंटीन सुविधा प्रदान की जाए।
12.) संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाए एवं उन्हे 12 माह कार्य प्रदान किया जाए तथा वरिष्ठता के आधार पर कोड नंबर प्रदान किए जाए।

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