ब्यूरो रिपोर्ट
कुख्यात बिल्डर पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। देहरादून में एटीएस कॉलोनी के बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिलाधिकारी ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की है। डीआरडीओ वैज्ञानिक पर हमले और लगातार दबंगई के बाद उन्हें जिला बदर किया जा सकता है। हालांकि बिल्डर के मामले में पुलिस को रवैया शांत रहा। जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी बिल्डर को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।
शहर की पाश कालोनी में से एक एटीएस हेवेनली फूटहिल्स के शांतिप्रिय निवासियों में भय का पर्याय बन चुके बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने डंडा चलाने की तैयारी कर ली है।
कालोनी में मारपीट की कई घटनाओं को अंजाम देने, निरंतर अभद्र व्यवहार करने और डीआरडीओ के विज्ञानी के साथ कि गई। घटना का संज्ञान जिलाधिकारी सविन बंसल ने लिया।
जिलाधिकारी ने बिल्डर को गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्हें पांच मई को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। जवाब संतोषजनक न पाए जाने या अनुपस्थित रहने की दशा को बिल्डर को जिला बदर किया जा सकता है।
बिल्डर पुनीत अग्रवाल वर्ष 2021 में एटीएस कालोनी के निवासियों के साथ दबंगई दिखा रहा है। उसके विरुद्ध अब तक पांच मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।

हाल में वह तब फिर से विवाद का हिस्सा बने, जब उन्होंने डीआरडीओ की डिफेंस इलेक्ट्रानिक्स एप्लिकेशन लैबोरेटरी (डील) के विज्ञानी अनिरुद्ध शर्मा की पिटाई कर दी। जिसमें उनके कान के पर्दे को गंभीर चोट आई।
इस घटना के दिन सुबह बिल्डर ने पहले विज्ञानी के माता-पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया था। दोपहर बाद जब विज्ञानी ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल पूछे तो बिल्डर ने विज्ञानी को अपने परिसर में बुलाया और सहयोगियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।
इस संबंध में विज्ञानी की पत्नी हेम शिखा, जो खुद डीआरडीओ के प्रतिष्ठान यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आइआरडीई) में विज्ञानी हैं, उनकी शिकायत पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
बिल्डर के आपराधिक कृत्यों की फेहरिस्त
डीआरडीओ के विज्ञानी और उनके परिवार के साथ अभद्रता से पहले पुनीत अग्रवाल वर्ष 2025 में कालोनी के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ मारपीट कर चुके हैं। उन्हें भद्दी गालियां दे चुके हैं।
साथ ही स्टेट जीएसटी के सहायक आयुक्त अंजनी से भी मारपीट की गई। दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं, वर्ष 2025 में बच्चों के पटाखा जलाने पर वह पिस्टल तान चुके हैं। पुराने मामलों की बात की जाए तो 14 अगस्त 2021 में बिल्डर ने कालोनी निवासी स्नेहलता से गाली-गलौज की थी। इस मामले में मयूर विहार चौकी से लेकर एसएसपी व डीजीपी तक शिकायत की गई थी। तब ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बिल्डर के हौसले बुलंद होते चले गए। जिसकी परिणीति आए दिन सामने आ रही है। इसके अलावा बिल्डर पर अवैध निर्माण और सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप भी लग चुके हैं। जिनकी पुष्टि भी विभिन्न जांचों में की जा चुकी है। अग्रवाल पर कार्रवाई की बात की जाए तो जिलाधिकारी सविन बंसल उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर चुके हैं और एटीएस सोसाइटी की आमसभा में बिल्डर की सदस्यता रद की जा चुकी है।
पुलिस ने नहीं दी बिल्डर मामले में रिपोर्ट
बिल्डर पुनीत अग्रवाल की गुंडागर्दी को पुलिस की शह भी मिलती रही है। ऐसा एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ है। पूर्व में जब जिलाधिकारी ने बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया था तो पुलिस से रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रायपुर पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया।
वहीं, डीआरडीओ वैज्ञानिक के साथ मारपीट के मामले में भी जिलाधिकारी के रिपोर्ट मांगने पर पुलिस ने टालू रवैया अपनाया। जब एसटीएस कालोनी के लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे तो पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। तमाम बातों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया।
