जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
मठ, मंदिर, आश्रम, अखाड़ों में भक्त कितना चढ़ावा चढ़ा दें, इसका कोई अनुमान नहीं है। दक्षिणी राजस्थान और मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसी मान्यता है कि अक्सर लोग अपने कारोबार में श्री सांवलिया सेठ को पार्टनर बनाते है। बाद में जब उनकी मनोकामा पूरी हो जाती है तो वे श्री सांवलिया सेठ को कुछ हिस्सा दान करने के लिए आते हैं।
इस मंदिर में लोग दिल खोलकर दान करते हैं। इस बीच गत 13 मार्च को श्री सांवलिया सेठ का दानपात्र को खोला गया। जानकारी के भंडार से निकले चढ़ावे की रकम को गिनने के कुल तीन चरण को पूरा कर लिया गया है। अभी तक की गिनती के मुताबिक कुल 17 करोड़ 24 लाख 95 हजार रुपये की कैस की गिने जा चुके हैं। अगले चरण की गिनती की शुरुआत बुधवार से हो गई।
होली के पहले से जारी है नोटों की गिनती
बता दें कि 13 मार्च को करीब डेढ़ महीने बाद राज भोग आरती के बाद मंदिर मंडल की CEO प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी नंद किशोप टेलर की मौजूदगी में श्री सांवलिया सेठ का एक भंडार खोला गया। जानकारी के मुताबिक पहले चरण में अभी तक 7 करोड़ 55 लाख रुपये की गिनती की जा चुकी है।
हालांकि, 14 मार्च को धुंलेंडी और उसके बाद शनिवार और रविवार होने की वजह से भंडार राशि की गिनती का काम नहीं हो सका। अब इसके दूसरे चरण की गिनती 17 मार्च को की गई। इस दौरान 4 करोड़ 97 लाख 20 हजार रुपये की गिनती की गई।
बाद में 18 मार्च के तीसरे चरण की गिनती गई। इसमें 4 करोड़ 72 लाख 75 हजार रुपये के नोटों की गिनती हुई। अभी तक कुल तीन चरणों में 17 करोड़ 24 लाख और 95 हजार रुपये की गिनती अब तक की जा चुकी है।
6 चरणों में पूरी हो सकती है गिनती
ध्यान दें कि मंदिर के भंडार के अलावा ऑनलाइन, मनी ऑर्डर, भेंटकक्ष और कार्यालय में आने वाले चढ़ावे की गिनती बाकी है। आगे के दिनों में चढ़ावे के सोने और चांदी के साथ विदेशी मुद्रों की गिनती की जाएगी। करीब डेढ़ महीने बाद मंदिर के भंडार से निकली दान राशि की गिनती पांच से छह चरणों में पूरी की जा सकती है।

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