जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जिताने के लिए स्वामी यतीश्वरानंद की रात दिन की जनता के बीच भागदौड़ और मेहनत सफल हो गई। जहां विधानसभा— 2022 में वे 4450 मतों से पिछड़ गए थे तो लोकसभा—2024 में उन्होंने उस आंकड़े को पार कराते हुए 4851 मतों से भाजपा प्रत्याशी को जितवाने का काम किया है। उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत के सांसद निर्वाचित होने पर बधाई दी।

हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा पर मुस्लिम मतों की संख्या अधिक है। इस सीट को जितना भाजपा के लिए मुस्किलों भरा काम है। जनता के बीच में रहकर हमेशा उनके हित और मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने का काम करने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को विधानसभा—2022 में कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा रावत से पिछड़ना पड़ा। लेकिन स्वामी यतीश्वरानंद जनता के बीच में हमेशा बने रहे और सेवा के कार्य निरंतर करते रहे हैं। इस बार लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी विरेंद्र सिंह रावत क्षेत्रीय विधायक अनुपमा रावत के भाई बने, तो उनके सामने भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मैदान में उतरे। हालांकि स्वामी यतीश्वरानंद भी भाजपा से प्रत्याशी बनने की दौड़ में शामिल थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रत्याशी बनने के बाद कुछ विरोधी लोग प्रचार करने लगे की स्वामी यतीश्वरानंद चुनाव में काम नहीं करेंगे। लेकिन ऐसो नहीं हुआ। स्वामी त्रिवेंद्र सिंह रावत के रोड शो से लेकर सभी कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने अपनी विधानसभा में रूबराज पैलेस शाहपुर में सबसे बड़ी जनसभा कराकर साबित कर दिया वे रात दिन जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं।
स्वामी यतीश्वरानंद भाजपा की नीतियों और कराए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच में गए और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से त्रिवेंद्र सिंह रावत को 47,326 मत दिलवाने में सफलता प्राप्त की। विधानसभा में त्रिवेंद्र सिंह रावत को 4851 मतों से विजयी मिली। जबकि कांग्रेस की विधायक अनुपमा रावत अपने भाई को 42,475 मत दिला सकी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने नवनिर्वाचित सांसद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पटका पहनाकर और पुष्प भेंटकर बधाई दी। उनका कहना है कि पार्टी के साथ जनता की सेवा करना उनका ध्येय है।
भाजपा प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को 6,53,808 (छह लाख 53 हजार 808) वोट मिले, जबकि विरेंद्र सिंह रावत को 4,89,752 वोट मिले। विरेंद्र सिंह रावत को 1,64,056 वोटो से शिकस्त मिली है। विरेंद्र सिंह रावत को 14 विधानसभाओं में से 8 में हारे हैं। स्वामी यतीश्वरानंद ने क्षेत्र की जनता की आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब क्षेत्र में विकास कार्य तेज होंगे।


