जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार जनपद में अवैध खनन से गंगा एवं सहायक नदियों के साथ राजस्व और निजी भूमि खोदकर गहरे गड्ढे हो गए हैं। खनन माफियाओं के साथ पुलिस प्रशासन और कईयों की तिजोरी भर जाने के बाद जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल जाग उठे हैं। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश कसने को कार्ययोजना बनाते हुए सभी विभागों को सहयोग करने को आदेश दिए हैं। अब देखना है कि डीएम के आदेश का कितना पालन होता है, हालांकि 31 अक्तूबर तक खनन बंद रहता हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि जनपद में इस समय रात दिन अवैध खनन से स्टोन क्रेशरों का पहिया चलता है और सुबह तक सामग्री को बेचकर परिसर को खाली कर देते हैं।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण व रोकथाम हेतु गठित जिला अवैध खनन निरोधक दल की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने भी प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी को बैठक में खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने अवैध खनन के अब तक कुल कितने मामले सामने आए, उन पर क्या कार्रवाई की गई तथा कितने वाहनों को सीज किया गया, के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सम्बन्धित एसडीएम को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की पांचवी तारीख को अवैध खनन के सम्बन्ध में एक बैठक अपने स्तर से भी करना सुनिश्चित करें तथा उसकी प्रति जिलाधिकारी को भी प्रस्तुत करें।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम, वन तथा पुलिस आदि अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा अवैध खनन के विरूद्ध सख्त अभियान चलाया जाए।
इस अवसर पर अवैध खनन निरोधक दल के सदस्य तन्मय वशिष्ठ, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) दीपेन्द्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पीएल शाह, एचआरडीए के सचिव उत्तम सिंह चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की अभिनव शाह, एसपी देहात एसपी सिंह, एसपी ट्रैफिक रेखा यादव, एमएनए दयानन्द सरस्वती, उप जिलाधिकारी लक्ष्मीराज चौहान, उप जिलाधिकारी मनीष सिंह, एसडीएम लक्सर गोपाल चौहान, एमएनए रूड़की विजय नाथ शुक्ल, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, सीओ सिटी सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
अवैध खनन को बंद कराने को लेकर डीएम धीराज सिंह बैठक लेते हुए।