ब्यूरो रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या के मामले में अब एक और खुलासा हुआ है। काजल के परिजनों ने बताया कि उसका पति अंकुर यूपी मे पेपर लीक में शामिल था और इस बात की जानकारी बेटी को थी। अंकुर को डर था कि उसका यह राज बाहर आ सकता है और उसके लिए मुसीबत बन सकती है। हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़ी के राजमिस्त्री राकेश ने मेहनत करके जिस बेटी को कमांडो बनाया ससुराल वालों ने उसकी जान नहीं बख्शी। मामला दिल्ली पुलिस की 27 वर्षीय कमांडो काजल की हत्या का है।
वर्ष 2022 में काजल की पहचान पढ़ाई के दौरान गन्नौर निवासी अंकुर से हुई थी। 2023 में दोनों ने परिजनों की सहमति से शादी कर ली। शादी से पहले काजल का चयन दिल्ली पुलिस की कमांडो यूनिट में हो गया था, जबकि अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क था। दंपती का एक डेढ़ साल का बच्चा भी है।बुधवार को दिल्ली पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ काजल का अंतिम संस्कार करा दिया। उधर, काजल के पिता राकेश का कहना है कि बेटी चार माह की गर्भवती थी। आरोपी ने उनकी बेटी के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान ले ली।


दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या के मामले में अब एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज एंगल सामने आया है। परिजनों का दावा है कि काजल के पति अंकुर चौधरी का नाम उत्तर प्रदेश के एक पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ था, जिसकी पूरी जानकारी काजल को थी। इसी राज के उजागर हो जाने के डर ने अंकुर को इतना भयभीत कर दिया कि उसने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
काजल को थी पूरे नेटवर्क की जानकारी
काजल के भाई निखिल और मां मीना ने आरोप लगाया है कि अंकुर और उसका एक दोस्त रुड़की में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक सेंटर चलाते थे। इस सेंटर का नाम पेपर लीक मामले और एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत से जुड़ा बताया जा रहा है। काजल को जब इस पूरे नेटवर्क की जानकारी मिली तो वह कई बार इसका जिक्र भी करने लगी थी। निखिल के मुताबिक, काजल मजाक में कहती थी कि “मेरठ कांड से तो बच गए, लेकिन अगर मैंने राज उगल दिए तो मुश्किल हो जाएगी।”


अंकुर ने छह महीने पहले दिखाया था खौफनाक रूप
परिजनों का दावा है कि इन्हीं बातों को लेकर अंकुर मानसिक दबाव में रहने लगा था। करीब छह महीने पहले इसी तनाव के चलते उसने काजल के साथ मारपीट की थी और बाद में पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद हालात नहीं बदले। काजल के पास पति से जुड़े ऐसे कई राज थे, जिनके सामने आने से अंकुर की नौकरी और आजादी दोनों पर खतरा मंडरा रहा था। अगर काजल ने उस वक्त ही सख्त कदम उठाया होता तो आज यहां तक न आती ये नौबत।
काजल पर था आर्थिक बोझ
मां मीना का कहना है कि प्रेम विवाह के चलते ससुराल पक्ष पहले से ही काजल को पसंद नहीं करता था। उसे रंग-रूप को लेकर ताने दिए जाते थे और ससुर ओमप्रकाश व ननद द्वारा अंकुर की दूसरी शादी कराने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसके साथ ही काजल पर आर्थिक बोझ भी डाला गया। शादी से पहले लिया गया 10 लाख का लोन, देवर की शादी में 15 लाख की ज्वैलरी और कार की किस्त तक काजल ही चुका रही थी।


डंबल मारे जाने से काजल का ब्रेन हो गया था डेड
घटना 22 जनवरी की रात की है, जब द्वारका मोड़ स्थित फ्लैट में काजल और अंकुर के बीच विवाद हुआ। काजल ने उस रात भाई निखिल को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। बातचीत के दौरान फोन छिन गया और चिल्लाने की आवाज आई। कुछ ही मिनट बाद अंकुर ने फोन कर बताया कि उसने काजल को मार दिया है। गंभीर रूप से घायल काजल को अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित किया गया और 27 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
पुलिस को अब इस बात की तलाश
आरोपी पति अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या वाकई काजल की हत्या के पीछे यूपी के पेपर लीक मामले से जुड़ा राज और उसके उजागर होने का डर मुख्य वजह था।

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