मालिकाना अधिकार

जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अपना मकान, दुकान या किसी प्रकार की प्रॉपर्टी को किरायेदार से छुड़वाना अपराध की श्रेणी में आता है किया ? या किसी के मकान या दुकान में किरायेदार अवैध कार्य कराए तो क्या ऐसे व्यक्ति से अपने मकान या दुकान को खाली कराना गुनाह है किया।
सिंहद्वार के पास विष्णु गार्डन कॉलोनी के बाहर लक्सर हाईवे पर रिमी गुलाटी अपनी दुकान को खाली कराने के लिए सालों से संघर्ष कर रही थीं। कारण था दुकान में अनैतिक कार्यों की वजह से उनकी बदनामी होना। दुकान के सामने प्रतिष्ठित संस्था आश्रम हैं, जहां पर संतों का आवागमन लगे होने के साथ—साथ धार्मिक कार्य होते हैं। आश्रम के सामने अनैतिक कार्य होने से संतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। दुकान मालिक रिमी गुलाटी लंबे समय से ब्यूर्टी पार्लर से खाली कराने को गुहार लगा रही थीं, लेकिन ब्यूटी पार्लर के रसूख बड़े लोगों से थे। जिसके चलते उसने खाली करना मुनासिब नहीं समझा। लेकिन बदनामी की वजह से रिमी गुलाटी ने दुकान को खाली करा लिया। हालांकि खाली कराने को लेकर रिमी गुलाटी पर कनखल थाने में मुकदमा दर्ज हो गया हैं। कनखल थाना पुलिस अपनी जांच कर दोषी पर कार्रवाई करेगी, लेकिन कानूनी कोई किरायेदार मकान मालिक नहीं हो सकता। हर व्यक्ति को अपनी प्रॉपर्टी को बेचने और स्वयं कारोबार करने का अधिकार है, लेकिन कुछ लोग पंजाबी समाज की रिमी गुलाटी को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। रिमी गुलाटी का कहना है कि बदनाम करने वालों के खिलाफ जल्द ही मान हानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
किरायेदार मालिक नहीं हो सकता
मकान मालिक किरायेदार को किसी खास वजह के आधार पर बेदखल कर सकते हैं, जैसे कि किरायेदार पूरा किराया देने में असमर्थ है या मकान में कोई गैर कानूनी एक्टिविटी चल रही है, अगर एग्रीमेंट की किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है या मकान मालिक को प्रॉपर्टी की जरूरत पड़ने पर। मकान मालिक ऐसी वाजिब जरूरतों के आधार पर प्रॉपर्टी खाली करा सकता है।

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