जोगेंद्र मावी, ब्यूरो

विभागों में भ्रष्टाचार इस कदर है कि बिना रिश्वत लिए इनका काम चलता ही नहीं है। ऐसा लगता है जैसे सरकार ने विभाग ठेके पर दे रखे हो। भ्रष्टाचार, आमजन से अभद्रता और एसएसपी की हिदायत के बावजूद बाहरी जिलों के वाहनों को रोककर वसूली करने का आरोप है। इनमें चार दरोगा और छह हेड कांस्टेबल ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में तैनात थे।

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने यातायात पुलिस के चार दरोगाओं समेत 21 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। इनमें 11 पुलिसकर्मी परतापुर थाने में कार्यरत थे।

एसएसपी ने बताया कि कई दिनों से दूसरे जिलों से आने वाले वाहनों से वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। यातायात पुलिसकर्मियों को बाहरी जिलों के वाहन चालकों को बेवजह न रोकने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद भी लगातार शिकायतें आती रहीं। जांच के बाद यातायात पुलिस कार्यालय में तैनात टीएसआई यशवीर सिंह, दिशु शर्मा, मनीष विश्नोई और प्रवेश मलिक, हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, मुंदराज, प्रमेंद्र कुमार, विकास त्रिपाठी, सतेंद्र सिंह और रमेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया। इसके अलावा परतापुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, सुखराज सिंह, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, सतीश अत्री, अमित कुमार, कांस्टेबल अजय भारद्वाज, मोहित कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मुकेश कुमार और महिला आरक्षी पूजा को लाइन हाजिर कर दिया। इन पर अवैध वसूली के आरोप थे। इनके स्थान पर दूसरे पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

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