जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अवैध खनन में रजा की रजामंदी से बिरादरी वालों को पूरी छूट है। शिकायतकर्ताओं की शिकायत की परवाह नहीं है और न ही पाताल लोक में जा रही धरती की चिंता। गहरों गड्ढों में जान जाती रहे, लेकिन इनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। हाल में जगह— जगह अवैध के मामले सामने आ रहे हैं, क्षेत्रीय निवासी या सामाजिक कार्यकर्ता शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी कार्रवाई के लिए नहीं जा रहे हैं। ऐसे में खुलेआम भूमि के साथ नदियां खोदी जा रही है।


लंढौरा में मिटठी का खनन बड़े स्तर पर चल रहा है। जहां तक नजर जाएगी वहां तक मिटठी खुदाई करने के लिए जेसीबी चलती मिलेगी। फसल उगाने वाले खेतों में जेसीबी चल रही है, जिससे भरे गए सैकड़ों डंफरों की कतार एक साथ गुजरती है। हाल ये है कि इन्होंने सड़कों का भी नाश कर दिया है। ये हाल है लंढौरा क्षेत्र का। जहां पर खेतों की मिटठी कई —कई फीट तक खुदवा दी गई है। किसान तो रुपयों के लालच में बह रहा है, लेकिन रोकथाम करने वाला सरकारी तंत्र चंद सिक्कों के चक्कर में आगामी पीढ़ी को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।


लंढौरा में खुलेआम चल रहे मिटठी के खनन को रुकवाने के लिए सामाजिक लोग प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी पर कोई परवाह नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने जिला खनन अधिकारी को लगातार फोन किए है और लगातार जारी है, लेकिन कोई असर नहीं है। एक युवक का आरोप है कि उन्होंने जिला खनन अधिकारी काजिम रजा खान को सैकड़ों बार फोन किया, कई बार तो उठाया नहीं, लेकिन उठाया और समस्या सुनी, लेकिन अवैध खनन रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी गई है। यदि समय रहते हुए कार्रवाई नहीं की गई तो शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की जाएगी।

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