ब्यूरो रिपोर्ट
बेटा ने अपनी मां को दर्दनाक मौत दी। जबकि ऐशो आराम का जीवन बिताने के लिए उसे इंग्लैंड भेज दिया था। उसने इंग्लैंड से आकर अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या कर फरार हो गया। बेटे और मां में किसी बात को लेकर विवाद था।
हरियाणा के अपराध शाखा-2 यमुनानगर की टीम ने गांव श्यामपुर में सरपंच की पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले को सुलझाते हुए मृतका के बेटे गोमित राठी और उसके साथी पंकज को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। उप-पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, के निर्देशानुसार अपराध शाखा-2 की विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई।
24 दिसंबर को हुई थी हत्या
डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि दिनांक 24 दिसंबर 2025 को थाना साढ़ौरा क्षेत्र के गांव श्यामपुर से सूचना प्राप्त हुई थी कि गांव के सरपंच की पत्नी बलजिन्द्र कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर पुलिस अधीक्षक के आदेश से एक विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि मृतका बलजिन्द्र कौर और उसके बेटे गोमित राठी के बीच पिछले काफी समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इन्हीं विवादों के चलते करीब दो वर्ष पूर्व गोमित राठी को इंग्लैंड भेज दिया गया था। हालांकि, पारिवारिक कलह समाप्त नहीं हुई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गोमित राठी 18 दिसंबर 2025 को बिना किसी को बताए इंग्लैंड से भारत लौट आया था।
इंग्लैंड से आकर की हत्या
उसकी इस गुप्त वापसी की जानकारी केवल उसके साथी पंकज पुत्र कुलदीप सिंह निवासी श्यामपुर को थी। पंकज ने इस पूरे घटनाक्रम में गोमित राठी का पूरा सहयोग किया और किसी को इसकी भनक नहीं लगने दी। दिनांक 24 दिसंबर 2025 की रात आरोपी गोमित राठी चुपचाप अपने गांव पहुंचा और पशु घर में छिपकर बैठ गया। देर रात मौका पाकर उसने अपनी मां बलजिन्द्र कौर पर हमला किया। आरोपी ने पहले चोट मारकर और फिर गला दबाकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को पानी की हौदी में फेंक दिया गया ताकि इसे हादसे का रूप दिया जा सके।

इस होदी में मिली थी लाश

ये मामला आया सामने
गांव श्यामपुर में सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या के पीछे सिर्फ पारिवारिक कलह नहीं, बल्कि प्रेम, शादी और पैसों से जुड़ा एक गहरा विवाद भी सामने आ रहा है।
बताया जा रहा है कि आरोपी गोमित राठी का क्षेत्र की ही एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उससे शादी करना चाहता था और इस इच्छा को लेकर उसने कई बार अपने परिवार से बातचीत भी की थी। परिवार के सदस्य, खासकर उसकी मां बलजिंद्र कौर, इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। इसी बात को लेकर मां-बेटे के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी।


मृतक बलजिंद्र कौर को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और वह गोमित को समझाने की कोशिश करती थीं। लेकिन गोमित इसे अपनी आज़ादी और फैसले में दखल मानता था। धीरे-धीरे यह असहमति बहस और तनाव में बदलती चली गई। करीब दो वर्ष पहले गोमित को इंग्लैंड भेज दिया गया। परिवार को उम्मीद थी कि दूरी से हालात सुधरेंगे और विवाद शांत हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इंग्लैंड में रहते हुए भी गोमित परिवार से पैसों भेजने को लेकर विवाद चलता रहा। वह घर वालों से पैसे भेजने को लेकर अक्सर झगड़ता था, जिससे रिश्तों में और कड़वाहट आ गई। प्रेम संबंध, शादी की जिद और आर्थिक तनाव ने गोमित के भीतर गुस्सा और असंतोष भर दिया था।

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