जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ही अपने आफिस में महिलाओं के साथ अश्लीलता करने लगे तो क्या होगा। ये किसी को किया न्याय दिलाएंगे। हालांकि सरकार ने बदनामी से बचने के लिए डीजीपी को निलंबित कर दिया है। वायरल वीडियो में महिलाएं भी साथ देती दिख रहीं है। जाहिर सी बात है कि महिलाएं विभाग की रही होगी, क्योंकि कई वीडियो में अपनी सीट पर बैठे— बैठे ही साहब महिला के साथ अश्लील हरकतें कर रहे हैं।
कर्नाटक पुलिस के शीर्ष अधिकारी रामचंद्र राव पर गाज गिरी है। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 1993 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को आपत्तिजनक वीडियो के वायरल होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के अफसर हैं राव
राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार ने निलंबन की जो कार्रवाई की है, इसके संबंध में जारी सरकारी आदेश के मुताबिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. के रामचंद्र राव, कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के महानिदेशक का पदभार संभाल रहे थे। राज्य सरकार के इस शीर्ष पुलिस अधिकारी के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।


सीएम सिद्धारमैया और गृह मंत्री परमेश्वर से नहीं हुई मुलाकात
इस मामले में अब तक सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राव ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वर से मुलाकात का प्रयास भी किया। हालांकि, दोनों लोगों से राव की मुलाकात नहीं हो सकी। निलंबित डीजीपी राव अभिनेत्री रान्या राव के पिता भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने वायरल वीडियो विवाद पर कहा, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही क्लिप फर्जी है और उन्हें इसके श्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए राव की क्लिप वायरल होने के बाद राज्य में राजनीतिक के साथ-साथ प्रशासनिक तूफान भी खड़ा होने की आशंका है। डीजीपी और अश्लील वीडियो विवाद से जुड़ी अहम बातों पर बिंदुवार एक नजर:
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी में पत्रकारों से कहा;
वायरल वीडियो में तीन क्लिप जोड़े जाने की जानकारी मिली है।
पुलिस अधिकारी कितना भी वरिष्ठ हो- दुर्व्यवहार के दोषी पाए जाने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई।
विवादों में घिरे डीजीपी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
निलंबित किए जाने के बाद पुलिस महानिदेशक राव ने कहा, वायरल वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर बनाया गया है। इसका मकसद प्रतिष्ठा धूमिल करना है। उन्होंने कहा, कुछ लोग छवि खराब करने के साथ-साथ पेशेवर रूप से भी नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं।
विवाद तूल पकड़ने पर भाजपा क्यों हुई आक्रामक?
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य की विपक्षी राजनीतिक पार्टी- भाजपा ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने कहा, सरकार राव जैसे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण कर रही है। भाजपा नेता सुरेश कुमार ने कहा, राव के आचरण से पूरा पुलिस महकमा कलंकित हुआ है। आम लोग पुलिस को शक की निगाह से देखेंगे। सोने की तस्करी का मामला सामने आने के बाद सरकार ने उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया था। इस मुद्दे की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
‘खाकी वर्दी पहने अफसर का महिलाओं से ऐसा बर्ताव अक्षम्य’
राज्य विधानसभा में एक अन्य विपक्षी पार्टी- जनता दल सेकुलर (JDS) ने भी इस मामले में आक्रामक रूख अपनाया है। पार्टी ने कहा- खाकी वर्दी की गरिमा को भुलाकर राव ने अपने दफ्तर में महिलाओं के साथ जैसा कृत्य किया है वह अक्षम्य अपराध है। पुलिस विभाग का सिर शर्म से झुक गया है।

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