जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। आखिर जगजीतपुर पुलिस चौकी प्रभारी रघुवीर रावत पर कार्रवाई का चाबुक चल ही गया। जगजीतपुर चौकी के मुंशी पप्पू कश्यप ने चौकी प्रभारी के कहने पर ही पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसकी रिकार्डिंग विजिलेंस की टीम को मिली है। जिसके आधार पर एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने दारोगा को सस्पेंड करते हुए पूरे प्रकरण में जांच बैठा दी है।
विजिलेंस की टीम ने जगजीतपुर निवासी राजू की शिकायत पर चौकी के मुंशी पप्पू कश्यप को पांच हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। मामले में मुंशी ने बलवा, मारपीट, धमकी की धाराओं में दर्ज मुकदमे में जगजीतपुर निवासी राजू और उसके भाई नीना उर्फ अरविंद को हवालात में बंद कर दिया था। शिकायत के अनुसार राजू के पर्स से पांच हजार रुपए भी निकाल लिए थे और बाद में जमानत देने के नाम पर पांच हजार रूपये की मांग कर दी। ये पांच हजार रुपये चौकी प्रभारी ने ही मुंशी से मांगने को कहा था। अब पूरे प्रकरण में सवाल उठ रहा था कि चौकी में एक मंशी सरेआम कैसे किसी से कैसे रिश्वत ले सकता है। यहीं नहीं, पूरे क्षेत्र निवासी भी पप्पू कश्यप की करतूतों से वाकिफ थे।
चौकी का दारोगा भी रडार पर
जगजीतपुर पुलिस चौकी का एक ओर दारोगा रडार पर है। दारोगा भी चौकी में अपनी अलग से दुकान खोले हुए बैठा है। वह तो रिश्वत में आए रुपयों को क्रास चैक करता है कि कहीं बीच के आदमी में दलाली तो नहीं कर ली है। उस दारोगा की भी जांच करने और उस पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

