ब्यूरो रिपोर्ट
गोवा के अरपोरा में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब के मैनेजर भारत को गोवा पुलिस ने उत्तरी जिला के सब्जी मंडी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइंस इलाके में भी इसका रोमियो लेन नाम से रेस्तरां है। ‘रोमियो लेन’ नाइट क्लब में शनिवार देर रात को हुई दर्दनाक घटना में अभी तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, नाइट क्लब का मालिक सौरभ लूथरा अभी नहीं पकड़ा गया है। वह घटना के बाद से फरार है। घटना के बाद भारत गोवा से भागकर दिल्ली अपने घर पर आ गया था। मरने वालों में सबसे ज्यादा उत्तराखंड, झारखंड, नेपाल, असम आदि राज्यों के हैं। नाइटक्लब, जो अपनी खूबसूरती और पार्टियों के लिए जाना जाता था।
गोवा में एक भीषण अग्निकांड में अल्मोड़ा के चार निवासियों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है। इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित बची महिला सदमे में है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। अग्निकांड के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
गोवा में हुए भीषण अग्निकांड ने अल्मोड़ा जनपद के बगवालीपोखर के मल्ला बाड़ी गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली। हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। मृतक परिवार के लोग दिल्ली में रहते थे और छुट्टियां बिताने गोवा गए थे। वहीं, टिहरी गढ़वाल के जितेंद्र रावत भी मरने वालों में शामिल है, वह रसोईया का काम करते थे।
हादसा देर रात हुआ, जिसमें विनोद कबड़वाल, उनकी भाभी कमला कबड़वाल और सालियां अनीता व सरोज जोशी की जलकर मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि चारों को बचाने का कोई मौका नहीं मिला। विनोद की पत्नी भावना भी उन्हीं के साथ मौजूद थीं, लेकिन वह किसी तरह जान बचाने में सफल रहीं। फिलहाल वह गंभीर मानसिक सदमे में हैं।
ग्राम प्रधान मनीषा गोस्वामी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के स्वजन ललित, कपिल कबड़वाल दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोपहर बाद सभी शव दिल्ली पहुंच जाएंगे, जहां अंतिम संस्कार सम्पन्न किया जाएगा।
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आरोपियों को किया गिरफ्तार
गोवा पुलिस की सूचना पर गोवा पुलिस ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर रविवार रात भरत को अरेस्ट कर लिया। ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ आग मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी हुई है। आरोपी भारत (49 वर्ष) पुत्र करण सिंह कोहली, निवासी 2530, सेकंड फ्लोर, पंजाबी बस्ती, सब्जी मंडी, जो मालिकों की तरफ से दुकान के रोजाना के काम को मैनेज करता था।
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आग लगने का कारण ये आया सामने
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की एक लंबी कहानी है जिसने ‘फर्स्ट आइलैंड क्लब’ को मौत के जाल में बदल दिया। जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। क्लब की सजावट ही उसकी सबसे बड़ी दुश्मन साबित हुई। क्लब के इंटीरियर में सूखी घास, ताड़ के पत्ते, रैटन (बेंत) और बांस का भारी इस्तेमाल किया गया था, यहाँ तक कि छत भी इन्हीं ज्वलनशील चीजों से बनी थी। यह क्लब वास्तव में एक ‘टिंडरबॉक्स’ (बारूद के ढेर) जैसा था, जिसे बस एक चिंगारी की जरूरत थी। क्लब में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था, जो बेहद संकरा था। इस रास्ते पर भी ज्वलनशील पदार्थों से मेहराब (arches) बनाए गए थे, जिसने आग भड़कने पर निकलने का रास्ता और मुश्किल कर दिया।
वह ‘बॉलीवुड बैंगर नाइट’ और एक गलत फैसला
शनिवार की रात क्लब में ‘बॉलीवुड बैंगर नाइट’ का आयोजन किया गया था। डीजे, डांसर्स और संगीतकार माहौल जमा रहे थे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक डांसर ‘महबूबा-महबूबा’ गाने पर थिरक रही थी और भीड़ उनका उत्साह बढ़ा रही थी।
माहौल को और रंगीन बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी (Electronic fireworks) का इस्तेमाल किया गया। यही वह पल था जब खुशियाँ चीखों में बदल गईं। आतिशबाजी की चिंगारी छत पर लगी सूखी सजावट तक पहुँच गई। विडंबना यह थी कि जब आग शुरू हुई, तो भीड़ को खतरे का अहसास नहीं हुआ। किसी ने डांसर की तारीफ करते हुए यहां तक कह दिया, “आग लगा दी आपने।” लेकिन चंद पलों में ही वह असली आग पूरे क्लब में फैल गई।

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