जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
फिर से एक महंत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। खाना खाते ही उनके मुंह से झाग निकला और कुछ ही समय में रावत मंदिर के महंत ने दम तोड़ दिया। उनके खाते में जमीन बिक्री के सात करोड़ रुपये आए थे। उनकी मौत संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रामनगरी अयोध्या में रावत मंदिर के महंत राममिलन दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया गया कि रात में भोजन करने के कुछ देर बाद महंत की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मुंह से झाग निकलने लगा। यह देख शिष्यों ने तुरंत उन्हें श्रीराम अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर अयोध्या कोतवाली प्रभारी मनोज शर्मा मौके पर पहुंचे। मामले की जांच की जा रही है। वहीं, दिगंबर अखाड़ा के महंत रामलखन दास और वामन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। शिष्यों का कहना है कि महंत राममिलन दास सरल और धार्मिक स्वभाव के संत थे। वे पिछले 15 वर्षों से रावत मंदिर के महंत के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके गुरु राममिलन दास राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख अगुवाओं में से एक रहे थे।
जमीन बिक्री के सात करोड़ खाते में आए थे
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मंदिर से जुड़ी जमीन की बिक्री से करीब छह से सात करोड़ रुपये उनके खाते में आए थे। घटना की जानकारी पर डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी अस्पताल पहुंचे। हालांकि अब तक मौत के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
गोल घेरे में महंत राममिलन दास की फाइल फोटो