ब्यूरो रिपोर्ट
कोतवाली में कमियों के मिलने के साथ क्षेत्र के कबाड़ियों के नाम तक नहीं जानने पर कोतवाल सस्पेंड हो गए। साथ ही इंस्पेक्टर पर विभागीय जांच भी बैठा दी गई। इंस्पेक्टर को पहले भी चेतावनी दी गई थी। लेकिन वह अपने कार्य, व्यवहार में बदलाव नहीं कर सके।
मेरठ के सदर बाजार थाने में निरीक्षण के दौरान एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को गंदगी, अधूरे रजिस्टर और लापरवाही मिली। पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर इंस्पेक्टर मुनेश कुमार शर्मा को तत्काल सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
मेरठ में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने शुक्रवार देर रात सदर बाजार थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय और बैरक में गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। कार्यालय की पुताई खराब मिली और कई जगह कूड़ा पड़ा हुआ था।
एसएसपी ने जब थाने के रजिस्टर चेक किए, तो वे अधूरे मिले। इसके बाद उन्होंने इंस्पेक्टर मुनेश कुमार शर्मा से दस हिस्ट्रीशीटरों के नाम पूछे, लेकिन वह जवाब नहीं दे सके। सोतीगंज के पांच बड़े कबाड़ियों के नाम भी इंस्पेक्टर सही से नहीं बता पाए।
एसएसपी ने इस लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई और मौके पर ही इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही विभागीय जांच सीओ सिविल लाइन को सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान सीओ कैंट नवीना शुक्ला से भी एसएसपी ने नाराजगी व्यक्त की।
एसएसपी ने बताया कि थाने की साफ-सफाई, अधूरे रजिस्टर और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इंस्पेक्टर को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन कार्यशैली में सुधार न आने पर सस्पेंशन आवश्यक हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

