जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
फिल्म मिस्टर इंडिया में अंबरीष कुमार का एक डायलॉग प्रसिद्ध हुआ। वो था मोगैंबो खुश हुआ! अब यही डायलॉग उत्तराखंड की राजनीति में सटीक बैठा है। एक विधायक ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है। वह अब इतना खुश है कि उसके समर्थक कहते फिर रहे है कि मोगैंबो खुश हुआ! अब मोगैंबो इतना खुश हुआ कि वह और उसके चेले षड़यंत्र नहीं रचेंगे।
उत्तराखंड के एक विधायक के मंत्री न बनने से पिछले चार साल से धामी की सरकार को गिरा रहे समर्थक अब अगला चुनाव धामी के चेहरे पर ही लड़ेंगे। क्योंकि उनकी इच्छा धामी सरकार ने पूरी कर दी है। अब वे धामी सरकार से पूरी तरह से संतुष्ठ है। वे धामी का धन्यवाद करते नहीं थक रहे हैं।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के चार साल पूरे हो चुके हैं। धामी सरकार के मंत्रीमंडल में पांच पद रिक्त चल रहे थे। लेकिन जब से उन्होंने शपथ ग्रहण किया था तभी से एक विधायक के समर्थक धामी सरकार को कोस रहे थे। समर्थक हर त्यौहार के आने से पूर्व अपने विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाने का वादा कर भरोसा दिला रहे थे। लेकिन जैसे ही त्यौहार गुजरता तो वे फिर मुख्यमंत्री धामी की कुर्सी भूकंप में हिलती बताते थे और कहते फिरते थे कि बस अब ज्यादा दिन वे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जब भी दिल्ली का टूर होता था या किसी अन्य प्रदेश में चुनाव होते थे, या केंद्र सरकार का गठन हुआ था तो शर्तिया चेहरा बदलने की बात चलाते थे। लेकिन इसी कशमकश में पूरे चाल गुजर गए। पिछले एक महीने पूर्व पीआरओ ने तो घोषणा कर दी थी कि अगली सुबह नहीं होगी। उन्होंने खूब मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के चार साल पूरे हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव के एक साल पहले यानि दस महीने के लिए पांच कैबिनेट मंत्री बनाए हैं। मंत्री बनने की खुशी में समर्थक इतने खुश है कि वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जता रहे है। हालांकि ये खुशी केवल एक प्रॉपर्टी डीलर की ज्यादा दिख रही है, उसे नगर निकाय के चुनाव से पहले लल्लन लॉलीपॉप दिया था। उसे वह एक साल से इसी खुशी से चूस रहा है कि वह भी दावेदार था।
हालांकि अब मोगैंबो और उसके समर्थक पूरी तरह से खुश है। वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बदलने नहीं देंगे, क्योंकि उनकी इच्छा पूरी हो गई है।
