ब्यूरो रिपोर्ट
किसान की आत्महत्या के मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है। काशीपुर के सुखवंत आत्महत्या मामले में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला और दरोगा प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मामले में पुलिस ने घोर लापरवाही और उदासीनता बरती।
प्रकरण में पैगा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, एएसआई सोमवीर सिंह, सिपाही दिनेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह, शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद, संजय कुमार को लाइन हाजिर किया।
रविवार को किसान सुखवंत सिंह ने रविवार को गौलापार के एक होटल में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले वीडियो वायरल कर भूमाफिया पर रकम हड़पने का आरोप लगाया था।

पोस्टमार्टम हाउस में बूढ़े पिता तेजा सिंह के आंसू थामे न थमे। उन्होंने बताया कि पेपर मिल को गई अपनी सात एकड़ जमीन के बदले सुखवंत को मोटी रकम मिली थी। किसान था तो उसे खेती के लिए इतनी ही जमीन की तलाश थी।
चार प्रापर्टी डीलरों ने सुखवंत को कुंडा के दो लोगों की सात एकड़ जमीन दिखाई थी। दोनों लोगों ने जमीन बेचने की बात कही थी। इसके बदले में बेटे ने उन्हें नकद और चेक के जरिये तीन करोड़ 80 लाख रुपये दे दिए थे। 13 अप्रैल 2025 को काशीपुर में जमीन रजिस्ट्री हुई। प्रापर्टी डीलरों के साथ काशीपुर के भी कुछ लोग शामिल थे। बाद में पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वह 50 लाख के कीमत की है। तब से सुखवंत सिंह अपने पैसे की वापसी के लिए सबसे मिन्नतें कर रहा था।
प्रॉपर्टी डीलरों ने ले रखी है पुलिस सुरक्षा
सुखवंत सिंह से जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी करने वाले चार लोगों ने लगभग दो महीने पहले हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा ले रखी है। उनके सुरक्षा अधिकारी काशीपुर कोतवाली प्रभारी बनाए गए हैं।
आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम दक्षिणी पैगा निवासी सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह ने अप्रैल 2025 में लगभग साढ़े सात एकड़ एक जमीन का सौदा लालपुर बक्सौरा में अमरजीत सिंह, आशीष चौहान, कुलविंदर सिंह और गुरप्रेम सिंह के साथ लगभग चार करोड़ रुपये में किया था।
पिता ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद सुखवंत सिंह ने एक करोड़ रुपये ऑनलाइन और शेष रकम नकद इन लोगों को दी थी। इसके बाद इन चार लोगों ने जिस जमीन का सौदा किया था वह मौके पर नहीं था। उन लोगों ने किसी अन्य की जमीन दिखा दी थी।
इस दौरान इन लोगों ने कई बार अलग-अलग जमीन दिखाई लेकिन सुखवंत सिंह ने जमीन पर कब्जा नहीं लिया। इस दौरान जमीन को लेकर विवाद होने लगा। बताया इस संबंध में पैगा चौकी में सितंबर माह में एक बार दोनों पक्ष के बीच बातचीत हुई थी। उसके बाद वह समझौते में रुपये लौटाने से मुकर गए। तब विवाद गहराने लगा और सुखवंत सिंह पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने लगा।
बताया जा रहा है इस बीच किसी अनहोनी से बचने के लिए अमरजीत सिंह, आशीष चौहान, कुलविंदर सिंह व गुरप्रेम सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा की अर्जी लगा दी। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए 29 नवंबर 2025 को अमरजीत सिंह, आशीष चौहान, कुलविंदर सिंह व गुरप्रेम सिंह पुलिस सुरक्षा के आदेश दे दिए। इसके सुरक्षा अधिकारी काशीपुर कोतवाली प्रभारी बनाए गए।

