ब्यूरो रिपोर्ट
एक कोचिंग सेंटर में भीषण धमाका हो गया। दो छात्रों की मौत हो गई और सात घायल हो गए। दो मंजिला भवन में 50 से अधिक बच्चे पढ़ रहे थे। 50 मीटर दूर तक मलबा बिखर गया। एटीएस ने भी जांच शुरू कर दी है।
कानपुर के पास फर्रुखाबाद जिले के मुख्य शहर के सेंट्रल जेल चौराहे के पास अवैध रूप से संचालित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी पॉइंट कोचिंग के गेट पर शनिवार दोपहर करीब तीन बजे हुए भीषण धमाके में दो छात्रों मौत हो गई। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि घटनास्थल पर धुएं का गुबार कई फीट तक छा गया। कोचिंग में पढ़ रहे सात छात्र-छात्राएं इसकी चपेट में आ गए।
घटनास्थल पर आ रही बारूद की दुर्गंध अवैध पटाखा भंडारण की ओर इशारा कर रही है। वहीं अधिकारी कोचिंग सेंटर के गेट के पास बेसमेंट में बने सीवर टैंक में मीथेन गैस के रिसाव को विस्फोट की वजह मान रहे हैं। देर शाम लखनऊ से पहुंची एटीएस टीम ने घायलों से बात की और घटनास्थल की जांच की।
दीवारों का मलबा 50 मीटर दूर तक बिखरा
सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी पॉइंट के दो मंजिला भवन में शनिवार दोपहर 50 से अधिक छात्र-छात्राएं कोचिंग पढ़ रहे थे। इसी दौरान गेट के पास भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इमारत की दीवारों का मलबा 50 मीटर दूर तक बिखर गया।

कुछ ईंटें 200 मीटर दूर गिरीं
वहीं धमाके के बाद कुछ ईंटें 200 मीटर तक दूर जा गिरीं। हादसे के बाद पहुंची आईटीआई और सेंट्रल जेल चौकी पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से घायलों को लोहिया व अन्य अस्पतालों में भेजा।
50 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला शव
एक गंभीर घायल को कानपुर रेफर किया। एक छात्र आकाश कश्यप (22) का शव घटनास्थल से 50 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। धमाके से आकाश के चीथड़े उड़ गए थे। वहीं दूसरे छात्र आकाश सक्सेना (24) का खून से लथपथ शव कोचिंग सेंटर के बाहर पड़ा मिला।
दमकल प्रभारी आशीष वर्मा ने बताया कि इमारत के बेसमेंट में सीवर टैंक है। वहीं सबमर्सिबल का स्विच बोर्ड भी है। आशंका है कि टैंक से मीथेन गैस का रिसाव हुआ। स्विच बोर्ड में स्पार्किंग से आग लगी और गैस का धमाका हुआ।
मीथेन गैस के रिसाव से विस्फोट की आशंका
डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्राथमिक जांच में धमाका बेसमेंट में बने सीवर टैंक में बनी मीथेन गैस के रिसाव से हुआ प्रतीत हो रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही हैं, विस्फोट के बाद डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही है। कन्नौज की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। एसपी आरती सिंह ने कहा कि पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है।
धमक से 500 मीटर के दायरे में हिले मकान
विस्फोट की धमक से 500 मीटर के दायरे में स्थित मकान हिल गए। कंकरीट से बनी स्लैब और दीवारों के टुकड़े, लोहे की जाली दूर तक बिखर गईं। कोचिंग के बाहर खड़ीं बाइकें, साइकिलें काफी दूर जा गिरी।
कन्नौज फॉरेंसिक लैब की टीम करेगी विस्फोट की जांच
कोचिंग के बाहर गेट पर विस्फोट के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं कन्नौज की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की एक टीम घटनास्थल से साक्ष्य संकलित करने के लिए मौके पर जाएगी।
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिला स्तरीय पुलिस टीम की जांच मीथेन गैस को विस्फोट की वजह मानकर चल रही है। इस घटना के हर एक बिंदु पर बारीकी से पड़ताल करवाई जा रही है। एसपी आरती सिंह ने कहा कि पुलिस हर एक एंगल से छानबीन कर रही है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से एक टीम कन्नौज से आकर साक्ष्य संकलन का काम करेगी।

इमारत के बेसमेंट में बना है सीवर टैंक
पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया सीवर टैंक में कन्सन्ट्रेट मीथेन का विस्फोट होना माना जा रहा है। पुलिस घटना के हर बिंदु पर जांच कर रही है। प्रभारी फायर स्टेशन ऑफिसर आशीष वर्मा ने बताया कि इमारत के बेसमेंट में सीवर टैंक बना हुआ है। माना जा रहा है कि गैस टैंक से बाहर नहीं निकल पाई, इसकी वजह से मीथेन गैस बनी और विस्फोट हो गया। आशीष ने बताया कि मीथेन ज्वलनशील होती है। बेसमेंट में सबमर्सिबल का स्विच बोर्ड भी लगा है। स्पार्किंग की वजह से विस्फोट हो सकता है।
आकाश सक्सेना की मौत की सूचना पर भाई बेहोश, मां बेहाल
स्नातक की पढ़ाई करने के बाद आकाश सक्सेना और आकाश कश्यप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इसी के चलते वह लाइब्रेरी में पढ़ने आते थे। आकाश सक्सेना के पिता लखनऊ में दरोगा हैं। गम में भाई बेहोश हो गया और मां बेहाल हैं।
वहीं, आकाश कश्यप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। विस्फोट की सूचना मिलते ही आकाश सक्सेना (24) का भाई अमित सक्सेना सबसे पहले कोचिंग सेंटर पहुंचा। वहां अस्पताल जाने की सूचना मिलते ही वह मां शशिलता और अन्य परिजनों संग वह लोहिया पहुंचा। आकाश को देखते ही वह रोते-रोते बेहोश हो गया। मां और अन्य परिजन भी जमीन पर बेसुध पड़े रहे। मां ने रो-रोकर बताया कि बेटा पुलिस की तैयारी कर रहा था। उसकी दो बहनें रजनी और वंदना हैं।
वहीं, निनौआ के आकाश कश्यप (22) मां दीपा और पिता दीपक कश्यप का इकलौता पुत्र था। उसकी तीन बहनों में राधा, मधु और पायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन लोहिया अस्पताल पहुंचे। पता चला कि उसे रेफर किया गया है। जब कमालगंज में उसकी मौत होने की सूचना मिली तो वह बिलखने लगे।

