जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। हरिद्वार में आज कुंभ–2027 को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक एक ऐतिहासिक सफलता बनकर सामने आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में सभी 13 अखाड़ों ने पहली बार बिना किसी विवाद के अर्धकुंभ को पूर्ण कुंभ की भांति मनाए जाने एवं ‘अमृत स्नान’ (पूर्व में शाही स्नान) आयोजित करने पर सर्वसम्मति दी। ऐसा दृश्य हरिद्वार के कुंभ इतिहास में आज तक कभी नहीं देखा गया था। सफल बैठक के लिए और ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मेलाधिकारी सोनिका का सभी के साथ समन्वय और दूरदर्शिता के साथ कर्मठता का परिणाम सामने आया।

मुख्यमंत्री धामी ने संत-समाज को दिया सर्वोच्च सम्मान
सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी डामकोठी, हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने स्वयं जाकर सभी 13 अखाड़ों के पूज्य संतों को माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर व्यक्तिगत सम्मान दिया। इस गरिमामयी शुरुआत ने बैठक के माहौल में पूर्ण सकारात्मकता भर दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “कुंभ का आयोजन अखाड़ों का है, सरकार केवल सेवा का सौभाग्य पाती है।”

मेला अधिकारी सोनिका का प्रस्तुतीकरण
प्रस्तुतिकरण में सोनिका ने कुंभ–2027 की तैयारियों, सुरक्षा, कैंप व्यवस्था, यातायात, शाही मार्ग और संपूर्ण योजना पर विस्तृत जानकारी दी। अखाड़ों ने इसे “संतों की अपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक” बताया।
अखाड़ों की ऐतिहासिक सहमति
निरंजनी, आनंद, जूना, अग्नि, आवाहन, महानिर्वाणी, अटल, निर्वाणी अणि, दिगंबर अणि, निर्मोही अणि, बड़ा उदासीन, नया उदासीन और निर्मल पंचायती —
सभी अखाड़ों ने अपनी बात रखी और पूर्ण एकमत दिखाई।
यह पहली बार है कि अर्धकुंभ में पूर्ण-कुंभ की भांति अमृत स्नान कराने पर बिना किसी मतभेद के पूर्ण सहमति बनी। जिसमें मेलाधिकारी सोनिका का सभी श्रीमहंतों— संतों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने का परिणाम सामने आया।

मुख्यमंत्री धामी का उद्बोधन और भोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि “कुंभ–2027 को हम सभी मिलकर विश्व-स्तरीय बनाएँगे।” बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा तट पर स्वयं संतों को भोजन परोसा और प्रसाद ग्रहण किया।यह दृश्य संत-समाज व शासन के बीच आदरपूर्ण संबंध का प्रतीक बना।

इन तिथियों में होंगे स्नान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की।
उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चैत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।
मेला बैठक का सफल संचालन एचआरडीए के सचिव मनीष सिंह ने किया और व्यवस्था में उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती का सहयोग रहा।

इस दौरान श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज-श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री महंत कौशल गिरी महाराज-श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, श्री रविन्द्र पूरी महाराज श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री महंत हरिगिरी महाराज-श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द जी महाराज-श्री पंचअग्नि अखाड़ा, श्री महंत सत्यगिरि महाराज-श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, श्री महंत सत्यम गिरी महाराज-श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री महंत मुरली दास महाराज-श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, श्री महंत वैष्णव दास महाराज-श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, श्री महंत राजेन्द्र दास जी महाराज-श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा, श्री महंत दुर्गादास महाराज-श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, श्री महंत भगतराम दास महाराज-श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, श्रीमहंत जसविंदर महाराज-श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा डॉ कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।

