हरकी पैड़ी के घाटों पर लगाए गए बोर्ड को दिखाते हुए सचिव उज्जवल पंडित

जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। अहिन्दू प्रवेश निषेध क्षेत्र के बैनर लगते ही हरिद्वार के व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ने लगा है। विदेशी पर्यटकों ने होटलों में ठहरने वाली बुकिंग कैंसिल करानी शुरू कर दी। इसी के साथ सवाल उठने लगा है या आमजन पूछ रहे है कि तो किया अब सिख—ईसाई—जैन—बौद्ध को भी रोकेगा एक्ट। यानि इन धर्म के लोग भी अहिंदू है तो इन्हें भी गंगा में अस्थि विसर्जन के लिए गंगा सभा के पदाधिकारी रोकने का काम करेंगे। हालांकि पूरे मामले में वरिष्ठ पत्रकार एवं पुरोहित समाज के पुरोधा सदस्य ने भी इन बैनरों के लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
विश्व प्रसिदृध हरकी पौड़ी पर अहिन्दू प्रवेश निषेध क्षेत्र होने के बैनर लगने की खबर समूचे देश के साथ पूरे विश्व में फैल गई है। मीडिया ने अभी तक एक ही पक्ष की खबर प्रसारित की है। इसके नकारात्मक पहलुओं को उठाने की शुरूआत नहीं की है। लेकिन इनके बैनर लगते ही हरिद्वार के होटलों पर असर पड़ने लगा है। एक होटल में दोपहर में ठहरा विदेशी परिवार शाम को दिल्ली के लिए निकल गया। इसी के साथ कई होटलों में अगले दिनों एवं महीनों की बुकिंग कैंसिल होनी शुरू हो गई है, क्योंकि विदेशी नियमों का पालन करने वाले होते हैं, न करने पर उनके वीजा पर असर पड़ता है।

हरकी पैड़ी

तो किया हरिद्वार के व्यापार को चौपट करने की साजिश
हरिद्वार के व्यापारी अभी दबी आवाज में बोल रहे हैं, लेकिन यदि उनके व्यापार पर ज्यादा नकारात्मक असर पड़ने लगा तो वह दिन दूर नहीं वे ही नहीं पंडा—पुरोहित समाज ही इस बैनरों के खिलाफ हो जाएंगे। व्यापारियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो हरिद्वार का व्यापार चौपट हो जाएगा और ऋषिकेश नगरी की ओर शिफ्ट हो जाएगा। क्योंकि ऋषिकेश में भी अच्छे गंगा घाट है और गंगा आरती भी होने लगी है।


वरिष्ठ पत्रकार ने की ​टिप्पणी
वरिष्ठ पत्रकार एवं पुरोहित समाज के पुरोधा वरिष्ठ सदस्य कौशल सिखौला ने अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र के पोस्टर बैनर लगाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा है कि
पर यह आदेश किसका है ?
गंगा सभा का ?
मेयर का ?
सिटी मजिस्ट्रेट का ?
डीएम का ?
कमिश्नर का ?
डीजीपी का ?
यह मुख्यमंत्री का ?
एक्ट मत बताइए, जिसका आदेश है, उसका नाम लिखिए ?
एक आमजन ने सवाल उठाते हुए बताया है कि एक पुरोहित समाज की कनखल में दूध की डेयरी है। उसका पूरा काम एक मुस्लिम संभालता है। यदि गैर हिन्दू इनकी आंखों में इतने करकते हैं तो व्यापार के लिए मुस्लिमों का सहारा क्यों लेते हैं।
गाड़ियों में तेल मुस्लिम देशों से
एक नागरिक ने गंगा सभा के पुरोहितों से सवाल पूछा है कि उनकी गाड़ियों में जो तेल डाला है, जिससे ये यात्रा करते हैं, वे भी मुस्लिम देशों से सप्लाई होता है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया है कि हरिद्वार में 80 प्रतिशत दूध की सप्लाई मुस्लिम ही करते हैं, तो द्यवेष फैलाने वाले इन मुस्लिमों से दूध भी नहीं खरीदते होंगे। यहां तक मंडी में अधिकांश आढती मुस्लिम है और फेरी लगाने के साथ पीठों में सब्जी विक्रेता मुस्लिम समाज से ही है। तो किया ये उनका भी विरोध करते होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *