जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पटरवारी पट्टे के नाम पर एक ​लाख रुपये की रिश्वत की मांग रही थी। जिसे नजराना के तौर पर दिए जा रहे पांच हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। पटवारियों का रिकार्ड है कि बिना रिश्वत लिए किसी का नाम नहीं करते।
धार जिले की सरदारपुर तहसील में शुक्रवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटवारी जमीन का पट्टा जल्दी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रही थी। लोकायुक्त टीम ने उसे आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये लेते समय धर दबोचा।
लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत इंदौर इकाई ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
पट्टा दिलाने के नाम पर मांगे थे रुपये
जानकारी के अनुसार, ग्राम कुमारिया खेड़ी (ग्राम पंचायत भानगढ़), तहसील सरदारपुर निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने जिस जमीन पर मकान बनाया है और उसके पीछे की जमीन पर उसका कब्जा है, उसका पट्टा उसके नाम होना है।
आरोप है कि भानगढ़ हल्के की पटवारी भारती राजपूत (32), पति दीपक राजपूत ने पट्टा जल्दी कराने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शुक्रवार को ट्रैप दल का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
टीम ने आरोपी पटवारी को आवेदक से पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैप दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा सहित लोकायुक्त की टीम शामिल रही।

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