जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
सिस्टम को सुधारने की कोशिश जारी है, लेकिन सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेना नहीं छोड़ रहे हैं। पुलिस वाले फंसाने का डर दिखाकर, लेखपाल काम कराने के बदले में रिश्वत लेना नहीं छोड़ रहे हैं। देश में विभिन्न राज्यों में एक दिन में दर्जनों मामले रिश्वत लेने वालों को रंगेहाथ पकड़ने के मामले सामने आए।

लेखपाल ने कोर्ट के आदेश के बावजूद ली रिश्वत
आजमगढ़। भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (विजिलेंस) की आजमगढ़ इकाई टीम ने बृहस्पतिवार को सदर तहसील में तैनात राजस्व लेखपाल प्रमोद कुमार सरोज को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। जानकारी मुताबिक सदर तहसील क्षेत्र के जोरइनामी गांव निवासी अमित कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि न्यायालय के आदेश पर गाटों का नक्शा दुरुस्त कराने के लिए लेखपाल ने रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस ने योजना बनाकर दोपहर 2.10 बजे सदर तहसील में ट्रैप किया और आरोपी को रिश्वत के नोटों समेत धर दबोचा। गिरफ्तारी दो सरकारी साक्षियों की मौजूदगी में हुई। ट्रैप टीम प्रभारी ब्रजेश द्विवेदी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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चौकी इंचार्ज ने डराकर ली रिश्वत
हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार की टीम ने गुरुवार शाम हांसी रेलवे जंक्शन स्थित रेलवेपुलिस चौकी इंचार्ज एसआई महेंद्र को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के खिलाफ एसीबी थाना हिसार में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसीबी को माईयड गांव निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसका दोस्त संदीप करीब डेढ़ महीने पहले माईयड में ट्रेन के नीचे आने से उसकी मृत्यु हो गई थी। मृतक ने उससे बाइक एक्सचेंज की हुई थी, लेकिन मृत्यु से पहले वह बाइक किसी अन्य के पास गिरवी रख गया था। जिसके बाद में मृतक की पत्नी ने पुलिस में शिकायत दी कि उसके पति की बाइक गायब है। जिसके बाद इस मामले की जांच हांसी जीआरपी चौकी इंचार्ज एसआई महेंद्र को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले की जांच करते हुए एसआई महेंद्र ने उसे डराना शुरू कर दिया और केस को रफा-दफा करने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की. काफी बातचीत के बाद 15 हजार रुपये में सौदा तय हुआ. लेकिन एसआई लगातार शिकायतकर्ता पर पैसे देने का दबाव बनाता रहा. जिसके बाद अब बीते बुधवार को वह माईयड गांव के एक वर्कशाप में शिकायतकर्ता से पैसे मांगने भी पहुंचा था और फिर गुरुवार सुबह भी उसके घर जाकर परेशान किया.
ऐसे में परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसपी विजिलेंस हिसार को पूरे मामले की जानकारी दी. विजिलेंस टीम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक प्लानिंग बनाई. इस दौरान शिकायतकर्ता को रिकार्डिंग डिवाइस और पाउडर लगे नोट देकर भेजा गया. योजना के अनुसार गुरुवार शाम हांसी जीआरपी चौकी में शिकायतकर्ता ने एसआई महेंद्र को 15 हजार रुपये सौंप दिए. जैसे ही उसने पैसे हाथ में लिए, एसीबी टीम ने उसे मौके पर दबोच लिया।
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दारोगा के साथ सिपाही भी लगातार लेते रहे रिश्वत
गाजियाबाद में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए राजीव कुमार नामक दरोगा को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया. खास बात यह है कि पीड़ित इनामुल हसन से इससे पहले भी दो पुलिसकर्मी कुल 60 हजार और 20 हजार की वसूली कर चुके थे. तीसरी बार जब फिर से 50 हजार की रकम मांगी गई तो पीड़ित सीधा एंटी करप्शन टीम तक पहुंचा। मामले की शुरुआत उस समय हुई जब इनामुल हसन एक मुकदमे में जमानती बने थे. इसके बाद विपक्षी पक्ष ने उनके खिलाफ नया केस दर्ज करा दिया। इस केस की जांच कर रहे दरोगा राजीव कुमार ने पहले ₹1 लाख की मांग की, लेकिन बाद में 50 हजार में सौदा तय हुआ। रकम देने के लिए चौकी बुलाया गया, जहां पहले से तैनात एंटी करप्शन टीम ने राजीव कुमार को पकड़ लिया।
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केस हल्का करने के लिए मांगी रिश्वत
बिहार के बेतिया में विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला दारोगा के साथ एक बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि किसी केस के सिलसिले में महिला दारोगा ने केस में लाभ पहुंचाने के लिए 15000 की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए महिला दरोगा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला शिकारपुर थाने का है।
बेतिया में महिला दारोगा गिरफ्तार: नरकटियागंज के शिकारपुर थाने में तैनात महिला दारोगा प्रीति कुमारी और उसके सहयोगी अर्जुन सोनी को रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एक मुकदमे में लाभ पहुंचाने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन सौदा 12 हजार में तय हुआ था. इसकी जानकारी विजिलेंस टीम को दी गई। विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया गया. विजिलेंस की टीम ने यह कार्रवाई महिला दारोगा के आवास पर की।
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बीमा क्लेम दिलवाने पर बाबू ने ली रिश्वत
शुक्रवार को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जिला विकास एवं पंचायत कार्यालय फिरोजपुर में तैनात क्लर्क बलवंत सिंह को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपित को गांव लाल्ले, तहसील तलवंडी भाई जिला फिरोजपुर के एक व्यक्ति की शिकायत पर काबू किया गया है।
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया कि उसने एक निजी बैंक से कृषि ऋण सीमा के लिए आवेदन किया था, जिसमें अपनी भूमि के साथ-साथ पंचायती भूमि भी शामिल की थी, जिसे वह नीलामी में लेकर खेती कर रहा था।
बैंक ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामला डीडीपीओ कार्यालय को भेज दिया। विजिलेंस प्रवक्ता के अनुसार, उक्त क्लर्क ने शिकायतकर्ता को धमकाते हुए पंचायती भूमि के राजस्व रिकार्ड बैंक में जमा करवाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। इस डर का फायदा उठाते हुए आरोपित क्लर्क ने उससे एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। कई बार हुई बाचीत के बाद में आरोपित 60 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद फिरोजपुर रेंज की विजीलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपित को शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
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ब्लॉक भी नहीं रहा अछूता
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को पलामू जिले के रमकंडा प्रखंड में एसीबी की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारी अरुण कुमार यादव को 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
आरोप है कि आरोपी कर्मचारी ने एक कार्य निपटाने के एवज में सेवा प्राप्तकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाया और तय रकम लेते ही आरोपी को दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश बताया।
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