जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
मिशन—2027 के चुनाव के एक साल पहले खाली पड़े कैबिनेट मंत्रियों का विस्तार होगा। साथ ही कुछ नए दायित्वधारी भी बनाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने से एक या दो कैबिनेट मत्री के साथ कुछ दायित्वधारी भी बदले जा सकते हैं। ये ऐसे मंत्री होंगे जिनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं या जो निष्क्रिय रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रीमंडल के विस्तार का शुभ मुहूर्त निकल गया है। इसी नवरात्र में कैबिनेट विस्तार हो जाएगा। वर्तमान में कैबिनेट में पांच मंत्रियों के पद खाली हैं। इनपर ताजपोशी के लिए विधायकों के पीछले चार वर्षों के कामकाज का रिकॉर्ड देखा जाएगा। इनके अलावा 12 दायित्वधारी भी बनाए जाएंगे। कई विधायक भी मंत्री की कुर्सी मिलने की आस लगाए बैठे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कैबिनेट विस्तार पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है।
सरकार व संगठन के बीच कैबिनेट विस्तार के लिए होमवर्क पूरा होने के बाद नवरात्रों के शुभ मुहूर्त पर सरकार कैबिनेट विस्तार का एलान कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाया जाएगा। इससे भाजपा को आगामी चुनाव में हैट्रिक लगाने की रणनीति को बल मिलेगा।
धामी सरकार में मंत्रियों के तीन पद तो पहले से खाली थे। एक पद मंत्री चंदन रामदास के निधन और दूसरा पद प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हो गया था। वर्तमान में मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हैं। मुख्यमंत्री धामी व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी कई बार कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके हैं। अब चुनाव के लिए कम समय होने से सरकार व संगठन कैबिनेट विस्तार का इंतजार खत्म करने जा रहा है।
कर्मठ कार्यकर्ताओं को दायित्वधारी की जिम्मेदारी
धामी सरकार ने निगमों, बोर्ड व आयोगों में पार्टी पदाधिकारियों को दायित्वधारी बनाया है। अभी दायित्वधारियों के कई पद खाली हैं। सूत्रों के अनुसार इसी नवरात्र में 12 और पदों पर दायित्वधारी बनाए जा सकते हैं।

