जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
इंस्पेक्टर के पास अकूत संपत्ति निकली है। हालांकि अनेक संपत्ति तो रिश्तेदारों के नाम भी रहती हैं, लेकिन विजिलेंस की जांच में इंस्पेक्टर के पास अरबों की संपत्ति मिली। उसने शानो सौकत दिखाने के लिए 12 बीघा में कोठी बनाई। अभी तक जांच में उसके पास 14.38 करोड़ की संपत्ति मिल चुकी है।
सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर प्रेमसिंह राणा के सहारनपुर स्थित आवास और फार्म हाऊस में विजिलेंस ने छापा मारा तो वहां की कार्रवाई को लेकर बागपत में निरपुड़ा गांव तक खींचतान रही। प्रेम सिंह राणा के भाई प्रताप सिंह गांव के प्रधान हैं तो दूसरे पक्ष के लोगों की शिकायत पर ही यह कार्रवाई चल रही है, जो कार्रवाई होते ही गांव में खुशी जताते हैं।
सहारनपुर में आय से अधिक संपत्ति मामले में मेरठ की विजिलेंस टीम ने सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा के चार मकानों सहित सात ठिकानों पर छापा मारा। यहां करीब सात घंटे तक जांच चली, जिसमें 14.38 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली। प्रेमवीर सिंह राणा मूल रूप से बागपत के निरपुड़ा निवासी हैं।
शनिवार को मेरठ विजिलेंस एसपी डॉ. राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में चार टीम ब्रिजेश नगर पहुंचीं। यहां मकान नंबर बी-80 से 71,500 रुपये कीमत के फर्नीचर, बैंक खातों की पासबुक, एलआईसी पॉलिसी की रसीद, शस्त्र खरीद की रसीद मिलीं।
मकान की कीमत करीब 1.20 करोड़ है। मकान नंबर बी 27 में 7,18,700 रुपये का घरेलू सामान मिला। मकान की कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये है। 20,59,055 रुपये की ज्वैलरी मिली। बैंकों के 12 खाते मिले। मकान नंबर बी-8 में चार किरायेदार रहते हैं। यह करीब 80 लाख का है।
शेखपुरा कदीम गांव स्थित एक फार्म हाउस, तीन संबंधित जमीन व गोशाला मिली। करीब 9.60 लाख का सामान मिला। फार्म हाउस की वर्तमान कीमत करीब 10.50 करोड़ रुपये है। 23 बैनामे कृषि एवं आवासीय प्लॉटों के पाए गए। एक-एक स्कार्पियो, डिजायर और बाइक मिली। छापे की कार्रवाई के दौरान करीब 14.38 करोड़ रुपये की संपत्ति पाई गई। ब्रिजेश नगर में चार-चार मकान और 12 बीघे में फार्म हाउस है। पुलिस में रहते हुए प्रेमवीर सिंह राणा ने अकूत संपत्ति इकट्ठा की। यह खुलासा मेरठ की विजिलेंस टीम की जांच में हुआ है।
सहारनपुर में छापा, बागपत तक खींचतान
निरपुड़ा गांव के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर प्रेमसिंह राणा के सहारनपुर स्थित आवास और फार्म हाऊस में शनिवार को विजिलेंस ने छापा मारा तो वहां की कार्रवाई को लेकर बागपत में निरपुड़ा गांव तक खींचतान रही। प्रेम सिंह राणा के भाई प्रताप सिंह गांव के प्रधान हैं तो दूसरे पक्ष के लोगों की शिकायत पर ही यह कार्रवाई चल रही है, जो कार्रवाई होते ही गांव में खुशी जताते हैं।
निरपुड़ा गांव से शुरू हुआ यह विवाद नया नहीं है, बल्कि वर्ष 2021 में प्रधानी का चुनाव होते ही विवाद शुरू हो गया था। सेवानिवृत इंस्पेक्टर प्रेम सिंह राणा ने अपने भाई प्रताप सिंह को प्रधान बनाने के लिए मदद की और वह प्रधान बन भी गए, तभी गांव के राममेहर ने प्रेम सिंह राणा पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसमें 22 सितंबर को प्रेमसिंह राणा पर शामली कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ।
मुकदमा दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता राममेहर ने 12 अक्तूबर को गांव में अपने आवास पर सामूहिक दावत कर सरकार का आभार भी जताया। इसके बाद राममेहर के भतीजे अनुज और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर के भाई प्रधान प्रताप सिंह में मारपीट हुई।
प्रताप सिंह की तरफ से दोघट थाने में अनुज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अब शनिवार को विजिलेंस टीम ने सहारनपुर में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर प्रेमसिंह राणा के आवास और फार्म हाऊस पर छापामारी की। इस कार्रवाई के बाद दोनों पक्ष फिर सक्रिय हो गए। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। बताया कि प्रेमसिंह राणा की गांव में कृषि भूमि है और भाइयों के साथ सामूहिक मकान है।

