ब्यूरो रिपोर्ट
गोल्डन बॉय और जेवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। बुधवार को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नीरज को सितारे लगाकर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि नीरज देश का नाम रोशन करते रहें। वे सेना और खेल के मैदान में अपनी मेहनत से भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं।
पानीपत के खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा दुनिया के नंबर-2 के जेवलिन थ्रोअर हैं। वे लगातार दो ओलिंपिक गेम्स में पदक जीत चुके हैं। टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। इसके बाद पेरिस ओलिंपिक में रजत पदक अपने नाम किया था। वे वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। भारतीय सेना ने उनको 14 मई को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दी थी। उनको यह सम्मान खेल में असाधारण योगदान के लिए दिया गया था। उनकी यह नियुक्ति 16 अप्रैल से प्रभावी हुई थी। नीरज चोपड़ा को इससे पहले 2018 में अर्जुन अवार्ड, 2021 में खेल रत्न और 2022 में पद्मश्री अवॉर्ड मिला है।
नीरज चोपड़ा 26 अगस्त 2016 को सेना में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती हुए थे। उनको 2021 में सूबेदार की पदोन्नति मिली थी। टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सेना द्वारा परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया था। उनको 2022 में सूबेदार मेजर की पदोन्नति मिली थी। ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल के रैंक लगाने के समय उनके पिता सतीश चोपड़ा, मां सरोज देवी, पत्नी हिमानी और चाचा भीम चोपड़ा मौजूद रहे।
अब दक्षिण अफ्रीका में करेंगे अभ्यास
चाचा भीम चोपड़ा ने बताया कि नीरज चोपड़ा दिवाली पर अपने पैतृक गांव खंडरा में पत्नी हिमानी के साथ आए थे। उन्होंने परिवार के साथ दिवाली मनाई थी। वे बुधवार को दिल्ली में परिवार सहित गए हैं। नीरज को ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर देखकर खुशी हुई। वे देश के लिए आगे और लगन के साथ मैदान पर अपने खेल का बेहतर प्रदर्शन करेंगे। वे दक्षिण अफ्रीका में अभ्यास के लिए जाएंगे।
परिवार में खुशी माहौल
नीरज चोपड़ा को ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी में देखकर परिवार में खुशी का माहौल है। मां सरोज देवी ने बताया कि एक मां के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं हो सकती। उनके बेटे सेना के साथ खेल के मैदान में भी नाम रोशन कर रहे हैं। यह अवसर हर किसी को नहीं मिलता। नीरज पर अब जिम्मेदारी बढ़ गई है। वे हर मैदान पर देश का नाम ऊंचा करने के लिए उतरते हैं। वे आगे भी देश का नाम ऊंचा करेंगे।

