जोगेंद्र मावी, ब्यूरो

हरिद्वार। जगजीत पुर निवासी कालू शर्मा 80 बसंत देख चुके हैं, लेकिन कावड़ियों की सेवा का जज्बा उनका कम नहीं हुआ है। वे हर कावड़ सेवा में कावड़ यात्रा के प्रमुख डायवर्जन पर कांवड़ियों को रास्ता बताते हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन की मदद करते हुए स्थानीय लोगों को शहर में जाने के लिए रास्ता खुलवाते हैं। उनकी सेवा का हर कोई कायल है और आदर के साथ अभिवादन करके आगे गुजरते हैं।

लक्सर-हरिद्वार मार्ग पर शिवडेल स्कूल के पीछे बैरागी पार्किंग के लिए रास्ता शुरू होता है। यहां से कावड़ियों के वाहनों को मोड़ने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। हर कावड़िया हरिद्वार शहर के अंदर प्रवेश करना चाहता है, लेकिन उन्हें इस मोड़ से मोड़ने के लिए पुलिस की बड़ी टीम तैनात की जाती है। इस मोड़ पर स्थानीय लोगों की भी पहचान के लिए कर्मठ स्थानीय व्यक्ति की जरूरत होती है। इसी स्थान पर पंडित कालूराम की गौशाला है, पंडित कालूराम अपने काम के साथ कावड़ियों की सेवा के लिए तत्पर हो जाते हैं। आयु अधिक होने के साथ उनका पुत्र समाजसेवी राकेश शर्मा भी इस दुर्लभ मोड़ पर पुलिस प्रशासनिक टीम का अंग बन जाते हैं। यह कर्तव्य पिता-पुत्र की जोड़ी लंबे समय से निभा रही है।