जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
उत्तराखंड में नए उप शिक्षा अधिकारी यानि डीईओ मिले हैं। ये वो उप शिक्षा अधिकारी हैं, जिनकी हाल ही में लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती की गई थी और इनकी पहली तैनाती के रूप में शिक्षा विभाग ने इन सभी अधिकारियों को पर्वतीय तैनाती पर भेजा है। उधर शिक्षा विभाग के इस कदम से अब दूरस्थ क्षेत्रों में उप शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों को भरा जा सकेगा। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने कुल 25 उप शिक्षा अधिकारियों को उनकी पहली तैनाती दी है। इन अधिकारियों की तैनाती हरिद्वार और उधमसिंहनगर को छोड़ते हुए केवल पर्वतीय जनपदों में की गई है।
उत्तराखंड विद्यालई शिक्षा के अंतर्गत उप शिक्षा अधिकारियों को पहली तैनाती पर्वतीय जनपदों में दी गई है। इस तरह शिक्षा विभाग में पर्वतीय जनपदों को प्राथमिकता में रखते हुए इन अधिकारियों को दूरस्थ क्षेत्रों की कमान सौंपी है। शिक्षा विभाग का मकसद पर्वतीय क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरना है, ताकि इन क्षेत्रों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर किया जा सके।
राज्य में जिन 25 उप शिक्षा अधिकारियों को पहली तैनाती मिली है। जिनमें दीक्षा बेलवाल को अल्मोड़ा जिले में धौला देवी, प्रशांत कुमार को भैंसियाछाना, प्रज्ञानंद को स्याल्दे, राजा रजनीश कारण को तालुका, अंजलि चंद को लमगड़ा विकासखंड में तैनाती मिली है। रुद्रप्रयाग जिले में तनुजा देवरानी को जखोली, अजीत सिंह कर्णवाल को उखीमठ में तैनाती दी गई है।
नैनीताल जनपद में शुभम वर्मा को धारी, राशि बुधलाकोटी को बेतालघाट की जिम्मेदारी मिली है। चमोली जिले में भूपेंद्र ढोंढ़ियाल को थराली, नेहा को पोखरी, योगेंद्र प्रसाद को देवाल की जिम्मेदारी मिली है।
बागेश्वर जिले के अंतर्गत संजय कुमार को कपकोट, हिमांशु बिष्ट को गरुड़ की जिम्मेदारी मिली है।
पिथौरागढ़ जिले में संस्कार त्रिपाठी को कनालीछीना, राजेश कुमार को धारचूला और नीरज अधिकारी को गंगोलीहाट की जिम्मेदारी मिली है। उत्तरकाशी जिले में सौरभ पांडे को मोरी की जिम्मेदारी मिली है।
पौड़ी जिले में भारतीय गैरोला कोट, मनोज कुमार जोशी को पोखडा, रवि कुमार को नैनीडांडा और किरण नेगी को रिखणीखाल की जिम्मेदारी मिली है। टिहरी जिले में सुनील सिंह कार्की को भीलंगना की जिम्मेदारी मिली है। चंपावत जिले में कमल भट्ट को बाराकोट और देहरादून जिले में शिवानी कौशल को चकराता विकासखंड की जिम्मेदारी दी गई है।

