अमरदीप चौधरी की हत्या करने वाले आरोपी पिता और दोनों पुत्र।

जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। युवा नेता अमरदीप चौधरी की हत्या राजकुमार मलिक और उसके दो पुत्रों ने सुनियोजित तरीके से की। यहां तक उसके भाई बादल की भी हत्या करनी थी, लेकिन वह बच निकला। घटनाक्रम के दो घंटे पहले हत्यारों ने अमरदीप के घर पर ही भोजन किया और घर आने के लिए सुबह से ही पूरा दवाब बनाया हुआ था। अमरदीप दो साथियों के साथ गया, एक साथी मौके पर डटा रहा, लेकिन दूसरा एकदम से भाग निकला। अमरदीप को हत्यारों ने चार गोली मारी और बाद में हत्याकांड का रूप बदलने के लिए अमरदीप के पास तमंचा रखते हुए पुलिस को बुला लिया। अमरदीप की हत्या से हर कोई दुखी रहा।
शाम आठ बजे हत्यारे का पिता राजकुमार मलिक अमरदीप के घर पर भोजन करके गया, जबकि राजकुमार मलिक सुबह से ही अमरदीप को फोन कर रहा था। अमरदीप देहरादून से शाम को घर आया और करीब दस बजे फिर से अमरदीप को राजकुमार मलिक का फोन आया तो अमरदीप अपने दो साथियों माटू निवासी बहादरपुर जट, सोनू राठी के साथ राजकुमार मलिक के राजा गार्डन स्थित घर चला गया। वहां पर पहुंचकर लेनदेन किया और जैसे ही अमरदीप ​अपने साथियों के साथ घर से निकलने लगा तो मलिक के एक बेटे हर्षदीप एवं मनदीप मलिक ने अमरदीप को पीछे से कमर में गोली मार दी। गोली लगते ही अमरदीप फर्श पर गिर गया और उसने फोन अपने एक साथी को देते हुए छोटे भाई बादल चौधरी को बुलाने को कहा। इसी बीच फर्श पर तड़फ रहे अमरदीप को तीन गालियां दनादन सिर में दाग दी, इस दौरान सोनू राठी पर भी एक फायर झोंक दिया, जोकि सोनू राठी की कमर को छिलते हुए निकल गया। चंद मिनटों में बादल चौधरी वहां पर पहुंचा गया, तो उस पर भी फायर झोंक दिया, जोकि बादल को पेट के पास लगा। गोली चलते देख बादल वहां से जान बचाकर भाग निकला। घटनाक्रम के दौरान राजकुमार मलिक ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि अमरदीप उनके घर पर तमंचा लेकर पूरे परिवार पर हमला कर रहा है। इसी दौरान घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और फर्श पर पड़े अमरदीप चौधरी को उठाकर जिला अस्पताल लेकर चले गए। वहीं, दूसरी ओर राजकुमार मलिक के दोनों पुत्रों अमनदीप एवं हर्षदीप ने जगजीतपुर पुलिस चौकी पहुंचकर आत्म समर्पण कर दिया। जबकि पुलिस ने राजकुमार मलिक को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त तमंचे को भी बरामद कर लिया। पुलिस मंगलवार को तीनों को कोर्ट में पेश करेगी।

अमरदीप चौधरी— फाइल फोटो

ये हैं दोनों परिवारों की स्थिति
अमरदीप चौधरी शामली मोहम्मदपुर माहडा के निवासी थे, ये करीब 15 साल पहले ही हरिद्वार आए थे। अमरदीप चौधरी के पिता नैन सिंह केंसर बीमारी से पीड़ित हो गए थे, जिनका करीब चार साल पहले निधन हो गया था।
राजकुमार ​मलिक मेरठ जनपद के मवाना तहसील के रेहवती गांव के निवासी है। पिछले दस पहले व्यापार के लिए हरिद्वार आए थे।
अमरदीप चौधरी के साथ राजकुमार मलिक एवं अन्य दो साथियों ने जियापोता रोड पर कॉलोनी काटी थी। जिसके लेनदेन को लेकर मामला बिगड़ गया। अब फिर से राजकुमार मलिक की कुछ जमीन बिकी थी, महंगी जमीन बिकने पर आए रुपयों से पूरे परिवार के दिमाग सातवें आसमान पर थे।

अमरदीप चौधरी— फाइल फोटो

अमरदीप चौधरी को चार गोलियां मारी गई। पहली गोली कमर में लगी, तो तीन गोलियां सिर में लगी ​हुई थी। एक गोली तो सिर में उपर से इस तरह से मारी गई जोकि छाती की ओर गर्दन में धंसी हुई निकली। जिस तरह से अमरदीप को गालियां दागी गई, उसे देखकर लग रहा था कि हत्यारे पेशेवर हैं।