ब्यूरो, रिपोर्ट
सिडकुल की सामनोकैप फार्मा कंपनी ने सेफ्टी सुपरवाईजर को नौकरी से निकाल दिया। उसने सीएम पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कंपनी ने भी उसे फिर भी नहीं रखा। अब उसके साथ एचआर के अधिकारियों ने मारपीट की।
सिडकुल की सामनोकैप फार्मा कंपनी में सेफ्टी सुपरवाईजर यशपाल सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि 27 अक्तूबर को बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए उसने प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन कंपनी के एचआर विपिन बिष्ट ने छुट्टी देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने बेटी का जन्मदिन होने का हवाला देते हुए मौखिक रूप से छुट्टी देने का निवेदन किया। लेकिन एचआर ने छुट्टी देने से मना करते हुए डयूटी करने के लिए कहा। इस पर वह डयूटी पूरी कर घर चले गए। अगले दिन अवकाश के बाद वह कंपनी पहुंचे तो गेटकीपर ने एचआर के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से कर दिया। कई दिन भटकने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। जिसके बाद 17 नवंबर को श्रम आयुक्त ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया। लेकिन वार्ता में कंपनी की ओर से कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद 20 नवंबर को बुलाया गया। लेकिन कंपनी की ओर से 20 को भी कोई नहीं पहुंचा। 22 नवंबर को कंपनी के एचआर विपिन बिष्ट श्रम आयुक्त कार्यालय पहुंचे और बताया कि उन्हें नौकरी से नहीं निकाला गया है और एक दिन में समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद एचआर की ओर से संदेश भिजवाकर एक दिसंबर से डयूटी पर आने के लिए कहा। 1 दिसंबर को कंपनी जाने पर सिक्योरिटी सुपरवाईजर ने प्लांट में नहीं आने और मारपीट करने की धमकी दी। यशपाल सिंह के साथ 2 दिसंबर को फाऊण्ड्री गेट के पास विपिन बिष्ट ने अपने साथी के साथ उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। बताया कि रानीपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन वहां पर कोई सुनवाई नहीं हुई। यशपाल चौहान ने नौकरी न मिलने पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
