जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। भाजपा की पिछली त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार में पूर्व चेयरमैन सुभाष वर्मा के द्वारा दो बार किए नामांकन पत्र निरस्त नहीं हो सके थे। दोनों ही बार विपक्षी प्रत्याशियों ने आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन इस तीसरी बार जब वे बहुजन समाज पार्टी से प्रत्याशी बने तो निर्वाचन अधिकारी ने 9 सितंबर को नामांकन पत्र स्वीकृत करते हुए लिखित में प्रति जारी कर दी थी, लेकिन 11 सितंबर की आधी रात को 12 बजे उनके नामांकन पत्र को निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई, हालांकि उन्होंने अपने बड़े पुत्र नवनीत चौहान का नामांकन किया हुआ था, उसके माध्यम से वे मैदान में उतर गए हैं। हालांकि विरोधियों ने उनके नामांकन पत्र पर भी आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन उसे अस्वीकृत करना पड़ा।

सुभाष वर्मा के नामांकन पत्र की स्वीकृत की गई प्रति

जिला पंचायत के पिछले कार्यकाल में मानकपुर सीट पर उपचुनाव हुआ था, जिसमें चौधरी सुभाष वर्मा ने मानकपुर सीट से प्रत्याशी बनें। जितने के बाद वे चेयरमैन पद के प्रत्याशी बने और जीत दर्ज की। लेकिन दोनों बार किए गए नामांकन पत्रों पर विपक्षी दलों की ओर से दो पत्नी होने की आपत्ति दर्ज की गई। निर्वाचन अधिकारियों ने दोनों बार शिकायतों को खारिज करते हुए नामांकन पत्र स्वीकृत किया। क्योंकि वे सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता थे और भाजपा समर्थित प्रत्याशी घोषित होकर मैदान में उतरते थे।
इस बार सत्ता भी भाजपा की थी, लेकिन सुभाष वर्मा बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी बनकर मैदान में उतरे। नामांकन पत्र जमा करने के बाद 9 सितंबर को रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन सही पाए जाने पर स्वीकृति प्रदान कर दी। वे निश्चिंत होकर चुनाव मैदान में प्रचार प्रसार करने लग गए। लेकिन 11 सितंबर को भाजपा के प्रत्याशी ने उनके नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कर दी, जिसमें उन पर पुराना आरोप दो पत्नी होने का लगाकर नामांकन पत्र निरस्त करने की अपील की। सत्ता पक्ष का दवाब कहे या कुछ और, इस बार उनका नामांकन पत्र रात्रि 12 बजे निरस्त किया गया। रात्रि 12 बजे में इसलिए किया गया, क्योंकि फिर अगली तिथि शुरू हो रही थी और रात्रि होने पर विरोध को दबाया जा सके।


बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारी सुभाष वर्मा के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े रहे। सोमवार की सुबह को उनके पुत्र नवनीत चौहान को प्रदेश अध्यक्ष ने प्रत्याशी घोषित कर दिया, साथ ही आश्वस्त किया कि पूरी पार्टी उनके साथ काम करेगी।
बसपा के वरिष्ठ नेता सुबोध राकेश ने कहा कि भाजपा के नेताओं की तानाशाही बर्दास्त नहीं की जाएगी, जिसे लेकर मैदान में जाएंगे।