जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
पटवारी उर्फ लेखपाल: ये एक ऐसा पद है, जिससे बिना रिश्वत दिए काम कराना नामुमकिन ही नहीं, किला फतह करने जैसा है और रिश्वत दे दी तो यह आधी रात पर रिपोर्ट लगवाकर काम करा देगा। नहीं दी या दवाब बनाया तो इतनी आपत्ति लगा देगा कि उन्हें कटवाने के लिए जूत चप्पल तो किया ऐडी भी घिस जाएगी। हालांकि रिश्वत मांगने पर सबसे ज्यादा टैप लेखपाल ही हो रहे हैं, लेकिन यह मानते नहीं है।
अब मेरठ में गेझा गांव निवासी महिला ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत की थी। जमीन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर लेखपाल रिश्वत मांग रहा था। सोमवार को जैसे ही लेखपाल ने केमिकल लगे नोट पकड़े, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मेरठ की सदर तहसील में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल ऋषभ चौहान को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। ऋषभ एक महिला से रिश्वत मांग रहा और न देने पर काम न करने की धमकी दे रहा था।
गेझा गांव निवासी एक महिला ने बताया कि पौना बीघा भूमि का दाखिल खारिज कराने के मामले में वह 29 अक्तूबर को सदर तहसील आई थी। यहां लेखपाल ऋषभ चौहान ने कहा कि चाहे एक गज हो गया पौना बीघा, पांच हजार रुपये लिए बिना काम नहीं करेगा। उसने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी।
सोमवार को सदर तहसील में समाधान दिवस चल रहा था। तभी एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल ऋषभ चौहान को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल को देहली गेट थाने में ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ चल रही है। साथ ही रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई।

