जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकर्ता, एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम धनपुरा, शाहपुर, शेरपुर, टांडा भागमल, शीरबस्ती, भोगपुर और बाड़ीटीप में आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। भाजपा कार्यकर्ताओं और जनसामान्य के साथ दीनदयाल उपाध्याय के कार्यों और विचारों पर चर्चा की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहित की योजनाओं के बारे में भी बताया।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा के कई गांवों एवं बूथों पर जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प कराया।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मता, मानववाद के मौलिक चिंतन के जरिए व्यक्ति और समाज की परस्पर एकता पर बल दिया करते। उनका मानना था कि भारत में रहने वाला और इसके प्रति महत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन है। भारतीय राष्ट्रवाद का आधार संस्कृति है इस संस्कृति में निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म होगा।


उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतोदय की अवधारणा के अनुरूप राष्ट्र की तरक्की के लिए समाज की अंतिम पंक्ति के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका मानना था कि जब तक अंतिम व्यक्ति का विकास नहीं होगा तब तक भारत का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है उनके रहन-सहन, साहित्य की जानकारी सभी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। दीनदयाल जी के सामाजिक विचार, आर्थिक विकास के विचारों और शिक्षा उन्नति और तरीकों को अपनाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य लोग कार्यक्रमों में शामिल हुए।