कांग्रेस सिंबल

जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। कांग्रेस पार्टी का सत्यानाश एवं पतन करने में अपने को पार्टी के दिग्गज नेता बताने वाले ही करने में लगे हुए हैं। उन्होंने पार्टी को गुटों में बांटकर एक दूसरे को आपस में मिलने नहीं दे रहे हैं। यदि उनके गुट का नेता दूसरे गुट में चला जाए तो उसके प्रति इतनी आग उगलते है कि ऐसे समझो जैसे कि वह अपने पिता या भाई के कातिल से मिल लिया हो। अब बात हाथ से निकलकर इतनी दूर चली गई है कि विधायक बनना मुश्किल हो गया है। जबकि ख्वाब मुख्यमंत्री, मंत्री तक के देख रहे है। शहर में चर्चा इतनी तेज है कि कांग्रेस के नेता भाजपा के दिग्गज नेताओं की कठपु​तली बनकर अपनी पार्टी को मिटाने के लिए लगे हुए है।
कांग्रेस की अभी हाल में परिवर्तन यात्रा निकली। पार्टी से विधायक टिकट की मांग कर रहे नेताओं ने अपनी सामर्थ के अनुसार भीड़ जुटाने का काम किया। लेकिन बैनर होर्डिंग में परिवर्तन यात्रा में गुट स्पष्ट तौर पर दिखाई देने लगे। सबसे बड़ी बात जिसके पास दस आदमी नहीं वे भी टिकट मांग रहे हैं। टिकट मांगना सभी का अधिकार होता है। लेकिन जिस तरह से पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपने—अपने गुट स्थापित किए है, उससे लगता है कि विधानसभा चुनाव—2022 कांग्रेस पार्टी से दूर होता जा रहा है। हरिद्वार जनपद में कांग्रेस के तीन विधायक है, वे तो अपने क्षेत्रों में पूरी मेहनत से लगे हुए हैं, लेकिन जिस तरह से शीर्ष नेतृत्व की गुटबाजी सामने आ रही है उससे लगता है कि एक तीन सीटों में से एक या दो को नुकसान हो सकता है।जबकि कांग्रेस के नेता दावा करते है कि हरिद्वार जनपद में 8 सीट जीतकर लाएंगे। यह तो कांग्रेस नेताओं का भ्रम है।
कांग्रेस के नेता समझ रहे है​ कि चुनाव नहीं भंडारे के हलवा एवं खीर है, जोकि कोई भी चला जाए उसे भरपेट मिल जाएगा।