जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार को दर्दनाक हादसा हुआ। एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। आग में जलकर नौ लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। दमकल विभाग की 30 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को बड़ी घटना सामने आई। दक्षिण-पश्चिमी जिले के पालम इलाके के साध नगर में एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक घटना में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, पालम थाना क्षेत्र के साध नगर स्थित राम चौक बाजार में यह दर्दनाक हादसा हुआ। आग की यह घटना सुबह के वक्त हुई, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कॉस्मेटिक की दुकान में यह आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने ऊपरी मंजिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इमारत के अंदर धुएं का घना गुबार बन जाने के कारण वहां फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे। बच्चों की जान बचाने के लिए इमारत से फेंक दिया गया।
शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 30 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। यह इमारत कपड़ों और कॉस्मेटिक्स के कई स्टोरों के अलावा दूसरी और तीसरी मंजिल पर रिहायशी फ्लैटों के लिए भी इस्तेमाल होती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जबकि उस समय घर में सो रहे लोग गहरी नींद में थे।
तीन बच्चों सहित कुल नौ लोगों की मौत
दमकल विभाग के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास गली नंबर-2 में आग लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर सात घायलों, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, को दमकलकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। आग लगने के शुरुआती दौर में इमारत से कूदने वाले दो लोगों को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, तीन बच्चों सहित कुल नौ लोगों की इस आग में मौत हो गई।

बच्चों को बचाने के लिए जोखिम में डाली जान
इमारत में लगी भीषण आग के बीच जब धुआं तेजी से फैल रहा था और दम घुटने का खतरा मंडरा रहा था, तब अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए परिवार के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। इस भयावह मंजर के बीच, दो छोटे बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया गया, जहां नीचे खड़े लोगों ने उन्हें सुरक्षित पकड़कर अस्पताल पहुंचाया।
आग लगने की घटना सुबह लगभग 6:40 बजे हुई, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुआं पूरे मकान में फैल गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दुखद घटना में अग्निशमन सेवाओं की प्रतिक्रिया में देरी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो शायद अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुंचने में लगभग 40 से 45 मिनट की देरी हुई, जिसने बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न की और स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। इस देरी ने बचाव कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।

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घटना नंबर — 02
इंदौर हादसे की दर्दनाक दास्तान: बिहार से इलाज के लिए आया था सेठिया परिवार, धमाके में सभी जिंदा जले
इंदौर हादसे में आठ लोगों की मौत हो हुई है। इसमें से छह लोग किशनगंज बिहार के रहने वाले हैं। ये लोग इंदौर में कैंसर का इलाज कराने आए थे और अपने रिश्तेदार के यहां रूके हुए थे।
बुधवार तड़के इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में हुए दिल दहला देने वाले अग्नि हादसे में बिहार के किशनगंज जिले के 6 लोगों समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में शामिल विजय सेठिया अपने परिवार समेत किशनगंज से इलाज कराने इंदौर आए थे। विजय सेठिया पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ थे। वे परिवार के साथ इलाज के सिलसिले में इंदौर स्थित अपने रिश्तेदार (पुगलिया परिवार) के घर रुके हुए थे।
इनकी हुई मौत
हादसे में किशनगंज के धर्मशाला रोड निवासी विजय सेठिया (65), सुमन सेठिया (60), छोटू सेठिया (22), राशि सेठिया (12), टीनू सेठिया (35) और तनय (8) तथा इंदौर के ब्रजेश्वर कॉलोनी, जहां यह हादसा हुआ निवासी मनोज पुगलिया (65) और उनकी बहू सिमरन (30) शामिल हैं।
ये हुए घायल
सुनीता पति मनोज पुगलिया और उनके तीनों बेटे सौरभ, सोमिल और हर्षित पुगलिया घायल हुए हैं। इस हादसे की खबर किशनगंज पहुंचते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन तुरंत इंदौर के लिए रवाना हुए हैॆ। फिलहाल इंदौर प्रशासन और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
कैसे हुआ था हादसा?
पुलिस के अनुसार, कार से घर तक फैली आग ने अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। घर में लगे डिजिटल लॉक खुल नहीं पाए, इसके कारण अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। रहवासियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सूचना देने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं।
सीएम मोहन यादव ने दुख जताते हुए कहा कि इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
