ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तराखंड। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने मुस्लिम धर्म छिपाकर दोस्ती कर नैनीताल घुमाने लाए लिव इन पार्टनर की गला दबाकर हत्या मामले में दोषी अभियुक्त इमरान उर्फ ऋषभ तिवारी को आजीवन कारावास तथा एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को कोर्ट से फिर जेल भेज दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा के अनुसार 14 अगस्त 2021 को अभियुक्त ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान निवासी मकान नंबर-220 पटेल नगर, गाजियाबाद के अलावा श्वेता शर्मा पुत्री सोमदत्त शर्मा निवासी फ्लैट नंबर-102, होरीजन होम्स, साई गार्डन नोएडा, एक्शन गौतम बुद्ध नगर, के साथ ही अल्मास व दीक्षा सहित चार लोग नैनीताल सैर सपाटे को आए।
उन्होंने मल्लीताल होटल गैलेक्सी में दो कमरे बुक किए, एक कमरे में श्वेता व अलमास व दूसरे कमरे में ऋषभ उर्फ इमरान व दीक्षा ठहरे थे। 16 अगस्त को श्वेता व अलमास ने दीक्षा के मोबाइल नंबर पर फिर ऋषभ उर्फ इमरान को फोन किया लेकिन स्विच आफ आया। दीक्षा के फोन में घटी जा रही थी लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद श्वेता व अलमास ने होटल का दरवाजा खोला तो देखा कि दीक्षा नग्न अवस्था में बेड में पड़ी थी। कमरे में लिव इन दोस्त ऋषभ उर्फ इमरान नहीं था, उसका फोन बंद था। इमरान खान का पता मकान नंबर-220 पटेल नगर गाजियाबाद है।

पुलिस ने इस मामले में आरोपित ऋषभ उर्फ इमरान के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन तथ्यों को साबित करने के लिए 17 गवाह के बयान दर्ज कराए।
कोर्ट ने अभियुक्त को सजा सुनाने के साथ ही मृतका के माता-पिता को उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 के तहत भी आर्थिक सहायता देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को आदेशित किया है।

धर्म छिपाकर की थी दोस्ती
डीजीसी के अनुसार अभियुक्त इमरान ने धर्म छिपाकर अपना नाम ऋषभ तिवारी रख लिया और दीक्षा के साथ दोस्ती कर लिव इन में रहने लगा। दीक्षा की बेटी की ओर से ओर से बयान देकर बताया था कि ऋषभ का उसके घर में आना जाना था। 12 अगस्त को उसने नैनीताल जाने का प्लान बनाया था। दीक्षा की 2008 में शादी हुई थी, इसके दो साल बाद पति से तलाक हो गया। इसके बाद वह पांच साल अन्य युवक के साथ लिव इन में रही थी। ऋषभ उर्फ इमरान के साथ भी लिव इन में रह रही थी।
बताया जाता है कि दीक्षा लिव इन में रहने के दौरान पूर्व प्रेमी से बात करती थी, जिस कारण दोनों की अनबन चल रही थी। नैनीताल में इमरान ने दीक्षा के मोबाइल पर पूर्व प्रेमी का मैसेज देख लिया, जिससे झगड़ा हुआ और उसने दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी। प्रापर्टी डिलिंग के काम के दौरान इमरान की दीक्षा से मुलाकात हुई थी। दीक्षा जिस कालोनी में रहती थी, वहां अधिकांश परिवार हिन्दू थे, इसलिए इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ कर लिया था।

