जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। मातृसदन की शिकायत पर एचआरडीए के आदेश पर भू​मि पैमाइश के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई और रिश्तेदार पर हुए जानलेवा हमले गोलीकांड प्रकरण के चार मुख्य आरोपियों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि दो आरोपियों के पास लाइसेंसी हथियार मौजूद है। इससे पीड़ितों के परिवार की जान को खतरा बना हुआ है।
मातृसदन के ब्रह्मचारी सुधानंद की शिकायत पर एचआरडीए के आदेश पर ग्राम पंजनहेड़ी में उषा टाउनशिप में अवैध प्लॉटिंग की जांच करने के लिए जिला प्रशासन की टीम पहुंची थी। लेकिन शिकायतकर्ता के साथ पजनहेड़ी के निवासी अतुल चौहान और उनके भतीजे भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरूण चौहान हथियारों से लैस होकर उषा टाउनशिप पहुंचे। वहां पर मौजूद भूमि मालिक जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान, उनके भाई सचिन चौहान, रिश्तेदार कृष्णपाल आदि मौजूद थे। बाहरी व्यक्तियों को अपनी भूमि पर आने से टोकने पर पहले से ही हथियारों से लैस होकर आए अतुल चौहान, तरुण चौहान एवं उनके साथ आए लोगों और जिपं उपाध्यक्ष समेत भाईयों के बीच कहासुनी के दौरान मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान अतुल चौहान, तरुण चौहान ने अपने लाइसेंसी हथियारों से गोली चलानी शुरू कर दी। जिसमें सचिन चौहान और कृष्णपाल को गोली लग गई। जिनका एम्स ऋषिकेश में ऑपरेशन हुआ और अभी भी इलाज जारी है। इस गोलीकांड प्रकरण में अभी आरोपी भाजयुमो का प्रदेश मंत्री तरुण चौहान पुत्र दीपक, गौरव चौहान पुत्र प्रदीप कुमार, अभिषेक चौहान उर्फ सिम्मी पुत्र सतवीर, अभिषेक पुत्र त्रिलोक चंद गिरफ्तार नहीं किए जा चुके हैं। जबकि तरुण चौहान और गौरव चौहान के पास लाइसेंसी हथियार मौजूद है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से गुहार लगाई है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और इनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाए। उन्होंने अपनी एवं परिजनों की जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। तर्क दिया है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, ऐसे में किसी पर भी हमला कर सकते हैं। पंजनहेड़ी के ग्राम प्रधान प्रदीप चौहान ने कहा है कि आरोपियों के खुलेआम घूमने से गांव में दहशत का माहौल है।

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