जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
विजिलेंस यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के जेई ब्रजराज को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की कार और जेब से कुल 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं। ठेकेदार को मात्र 8 लाख रुपये का काम मिला था, जेई उसका पेमेंट जारी करने के लिए 3 लाख रुपये मांग रहा था।
मेरठ में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी निर्णायक लड़ाई जारी रखते हुए, सतर्कता इकाई (विजिलेंस यूनिट) ने मेरठ में सिंचाई विभाग के एक जूनियर इंजीनियर, ब्रजराज को, दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है, जो आम जनता के विश्वास को बनाए रखने के प्रयासों को बल देती है। जेई ने एक ठेकेदार से उसका पेमेंट कराने के लिए बदले रिश्वत मांगी थी। काफी समय से ठेकेदार को परेशान किया जा रहा थाा। इसके बाद ठेकेदार ने विजिलेंस से संपर्क किया।
वहीं, पकड़े जाने के बाद जेई शिकायतकर्ता अंकुर और विजिलेंस टीम को धमकाने लगा। लेकिन टीम उसके प्रभाव में नहीं आई।

यह था मामला
मवाना के रहने वाले अंकुर सिंह की डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से फर्म है। उसे गाजियाबाद क्षेत्र की मछरी माइनर को साफ करने का ठेका मिला था। वह माइनर लंबे समय से बंद थी। अंकुर को इसका करीब 8 लाख रुपये में ठेका मिला था। 30 दिसंबर—2025 को काम खत्म हो गया। इसके बाद जब ठेकेदार अंकुर विभाग में अपनी पेमेंट के लिए पहुंचा तो उससे 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। जब ठेकेदार ने उसे रंग लगे हुए 2 लाख रुपये दिए तो वह एक लाख रुपये और के लिए अड़ गया। तभी उसे ट्रैप कर लिया गया।
भ्रष्टाचार के जाल से लाखों की बरामदगी
गिरफ्तारी के समय, विजिलेंस टीम ने आरोपी इंजीनियर के पास से रिश्वत के तौर पर लिए गए दो लाख रुपये की नकदी के अलावा, उसकी कार और जेब से लगभग आठ लाख रुपये नकद भी बरामद किए। यह बरामदगी इस ओर इशारा करती है कि आरोपी इंजीनियर संभवत एक बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट का हिस्सा हो सकता है, और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा सकती है। बरामद की गई कुल राशि लाखों में है, जो इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार के माध्यम से कितनी बड़ी धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी
विजिलेंस अधिकारियों ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि आरोपी जूनियर इंजीनियर ब्रजराज के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की विस्तृत जांच पड़ताल की जा रही है।

