जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
हरिद्वार। वसुधैव कुटुंबकम फाउंडेशन रजि. ने आज अंध विद्यालय में दृष्टिबाधित बच्चों को लगभग 65 बच्चों को जूते वितरित किए। इस कार्यक्रम का आयोजन फाउंडेशन की अध्यक्षा रेनू अरोड़ा के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम संयोजक विनीता सिकोरिया ने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों और जरूरतमंद बच्चों की मदद करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना है। उन्होंने बताया कि सर्दियों का सीजन शुरू हो चुका है ठंड से बचाव के लिए हमें नहीं इस धरती पर अधिकतर सभी जीवो को भी आवश्यकता होती है, यह मात्र हमारा एक छोटा सा प्रयास है। वहीं इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्यों और सभी सहयोगियों ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके साथ खाने-पीने का आनंद भी लिया है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमारी इस पहल से दृष्टिबाधित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। वहीं दूसरी ओर फाउंडेशन की उपाध्यक्ष सोनिया अरोड़ा ने बताया कि नियमित रूप से अंध विद्यालय के बच्चों के पास जाकर उनके साथ समय व्यतीत किया है, और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया।


फाउंडेशन की अध्यक्षा रेनू अरोड़ा ने कहा कि हमारा फाउंडेशन समय-समय पर दृष्टिबाधित बच्चों और जरूरतमंद बच्चों के साथ जुड़ने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। इस कार्यक्रम में शहर के कई सम्मानित लोगों ने सहयोग किया, वसुधैव कुटुंबकम फाउंडेशन रजि. की ओर से हम अपने सभी सहयोगियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। हमें उम्मीद है कि हमारी यह पहल दृष्टिबाधित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। इस अवसर पर कीर्ति अरोड़ा, अंकित नेगी, सीमा पाराशर, अंजू, सुमित गोयल, कनिका अग्रवाल, नीना अरोड़ा, चेतन अरोड़ा, वैशाली बत्रा, मीनाक्षी सांडिया, मनीष छाबड़ा रगोरीका अग्रवाल किरण कुमार आहूजा, अभिषेक सिकोरिया, मन्नत, राधिका प्रवीण अरोड़ा नीलम छाबड़ा मनीषा छाबड़ा सुमित गोयल गुंजन अरोड़ा आशा रानी आदि शामिल रही। वहीं फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य समाज में दृष्टिबाधित बच्चों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस कार्यक्रम को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिनमें प्रीति आहूजा, निधि अग्रवाल, संगीता आहूजा, निधि चावला, रुचि तनेजा, पूजा अरोड़ा मीनाक्षी अरोड़ा आदि शामिल हैं।

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