जोगेंद्र मावी, ब्यूरो
देहरादून। प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा राहत स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 सितम्बर 2025 को देहरादून का दौरा किया और उत्तराखंड में बाढ़ की स्थिति तथा बादल फटने, बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में राहत एवं पुनर्वास उपायों और नुकसान की समीक्षा के लिए देहरादून में एक आधिकारिक बैठक की। उन्होंने उत्तराखंड के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।


प्रधानमंत्री ने पूरे क्षेत्र और उसके लोगों की मदद के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का पुनर्निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का पुनरुद्धार, स्कूलों का पुनर्निर्माण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के माध्यम से राहत प्रदान करना और पशुओं के लिए मिनी-किट का वितरण जैसे उपाय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत, ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के पुनर्निर्माण के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित एक “विशेष परियोजना” के तहत, उन पात्र परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जिनके घर बाढ़ के कारण नष्ट हो गए हैं।


केंद्र सरकार ने पहले ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल उत्तराखंड भेज दिए हैं। उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में भूस्खलन और बाढ़ सहित हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित सभी लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ और संबंधित आपदाओं में मरने वालों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की भी घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी दीर्घकालिक देखभाल और कल्याण सुनिश्चित होगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस समय घोषित सहायता, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत राज्यों को अग्रिम भुगतान शामिल है, अंतरिम अवधि के लिए है। केंद्र सरकार राज्यों से प्राप्त ज्ञापन और केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर मूल्यांकन की आगे समीक्षा करेगी। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवाभावी संगठनों के कर्मियों द्वारा त्वरित राहत और प्रतिक्रिया प्रयासों के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

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