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हत्या की सूचना मिलते ही परिजन व मामा कालीचरण दिल्ली पहुंच गए थे। पिता की पांच-छह वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। भाई सोनू दिव्यांग है। मां गुड्डी देवी के अलावा भाभी है।

परिवार को ठीक से चलाने व बदमाशों पर लगाम लगाने के जज्बे के साथ दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए सिपाही किरणपाल ने दो दिन पहले ही बूढ़ी मां गुड्डी देवी से फोन पर बात की थी। उसने कहा था कि मां मैं जल्द ही आऊंगा, तुम ठीक से रहना, लेकिन उसे क्या पता था कि वह मां से आखिरी बार बात कर रहा है। उसने यूपी के अमरगढ़ से अंग्रेजी विषय में डबल एमए कर रखा था। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह परीक्षाएं दे रहा था और बड़ा अफसर बनना चाहता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किरणपाल की हत्या की सूचना मिलते ही परिजन व मामा कालीचरण दिल्ली पहुंच गए थे। पिता की पांच-छह वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। भाई सोनू दिव्यांग है। मां गुड्डी देवी के अलावा भाभी है। किरणपाल बचपन से ही नोएडा निवासी मामा कालीचरण के पास ही रहा था। मामा ने ही उसे पढ़ाया-लिखाया था।

मामा के कहने पर ही वह वर्ष 2018 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था। मार्च में ही तैनाती गोविंदपुरी थाने में हुई थी। उसकी ड्यटी रात में पेट्राेलिंग के लिए लगाई गई थी। कई बार किरणपाल अकेले ही बदमाशों से भिड़ गया था।

घटना वाली रात उसने स्कूटी पर संदिग्ध हालात में घूम रहे तीन बदमाशों को रोका तो उन्होंने पत्थरबाजी कर दी, लेकिन किरणपाल भागा नहीं और डटा रहा। वह थाने में फोन कर अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाने में व्यस्त हो गया तो एक बदमाश ने चाकू से वार कर दिया।

दिल्ली में कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है : देवेंद्र यादव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा और आप की निष्क्रियता की वजह से राजधानी की कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। खुलेआम सिपाही की हत्या होना बहुत बड़ी बात है। महिलाओं के साथ उत्पीड़न, अत्याचार, दुष्कर्म, गोलीबारी, डकैती व झपटमारी दिल्ली में आम बात हो चुकी है।

सिपाही किरणपाल की चाकू घोंपकर हत्या

दिल्ली पुलिस के सिपाही किरण पाल (28) की पेट्रोलिंग करने के दौरान हत्या कर दी गई। सिपाही घालयावस्था में पड़ा रहा और अधिक खून बहने के कारण उसने मौके पर तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। शनिवार तड़के सिपाही के शव को देखकर पुलिस को सूचना दी। बावर्दी सिपाही की हत्या होने से दिल्ली पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा गया और ताबड़तोड़ रंगदारी मांगने की वारदातों के बाद सिपाही की हत्या से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने दो बदमाशों को पकड़ लिया। एक बदमाश दीपक को अपराध शाखा ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। उसके पैर में गोली लगी है। दूसरे बदमाश को दक्षिण-पूर्व जिले की नारकोटिक्स यूनिट ने पकड़ा है, इसे नाबालिग बताया जा रहा है। तीसरे बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया।

रात को बाइक से पेट्रोलिंग कर रहे थे किरणपाल

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलरूप से बुलंदशहर, यूपी के रहने वाले किरण पाल वर्ष 2018 में दिल्ली में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। उनकी तैनाती मार्च महीने में ही गोविंदपुरी थाने में हुई थी और उनकी ड्यूटी गोविंदपुरी में थी। वह रात को मोटरसाइकिल से पेट्रोलिंग कर रहे थे। शुक्रवार रात को पेट्रोलिंग के दौरान सिपाही किरणपाल ने स्कूटी पर संदिग्ध हालत में घूम रहे तीन लड़कों को रोका।

किरणपाल ने उनसे रात में घूमने का कारण पूछा तो आरोपियों ने सिपाही पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस पर किरण पाल ने हेलमेट उतारकर गोविंदपुरी थाने से अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाने के लिए फोन करने लगा तभी एक आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू छाती में दिल तक पहुंच गया था।

ये भी कहा जा रहा है कि सिपाही उनकी तलाशी ले रहा था। उनके पास चाकू थे। पकड़े जाने के डर से एक आरोपी ने सिपाही को कई बार चाकू मार दिया। सिपाही का शव मेन रोड रविदास मार्ग से गोविंदपुरी की गली नंबर-10 में घूसते ही पड़ा हुआ था। सूचना मिलने के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए ।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार देवा नाम के युवक की जन्मदिन पार्टी थी। तीनों आरोपी पार्टी में शामिल होकर लौट रहे थे। जिले की नारकोटिक्स यूनिट प्रभारी विष्णु दस्त की टीम ने एक आरोपी को वारदात के कुछ घंटे बाद ही पकड़ लिया। जबकि दूसरा बालिग आरोपी दीपक सी-44 गोविंदपुरी डीडीए फ्लेट़्स में सो रहा था। अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर रामपाल की टीम उसे पकड़ने गई थी आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। आरोपी ने दो राउंड गोलियां चलाई थीं। जबावी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोलियां चलाईं। एक गोली दीपक के पैर में लगी है। उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दीपक के खिलाफ पहले से काेई मामला दर्ज नहीं है।

नशे के लिए बदनाम है गोविंदपुरी

गोविंदपुरी थाना इलाका नशे के लिए बदनाम है। यहां पर मादक पदार्थों की तस्करी के लिए निरंजन व एक अन्य गिरोहों में गैंगवार होती रहती है। इस गैंगवार में इस साल की शुरुआत में गोविंदपुरी एक्सटेंशन में हुक्का बार में युवक की हत्या भी हो चुकी है। यहां स्थित भूमिहीन कैंप में आए दिन वारदात होती रहती हैं।

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